हैदराबाद । उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) भट्टी विक्रमार्क ने वित्त विभाग के अधिकारियों को अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक गुरुकुलों (Gurukuls) से संबंधित लंबित बकाया राशि, जिसमें आहार शुल्क, किराया और मध्याह्न भोजन भुगतान शामिल हैं, के लिए 163 करोड़ तत्काल जारी करने का निर्देश दिया है।
किराया बकाया के लिए 47.61 करोड़ रुपए जारी करने का आदेश
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में वित्त विभाग और गुरुकुल संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य भर के सभी अनुसूचित जाति गुरुकुलों, छात्रावासों और संबंधित संस्थानों के लंबित आहार, किराया और प्रसाधन शुल्क के लिए 51.36 करोड़ जारी किए जाएँ। इसी प्रकार, भट्टी विक्रमार्क ने अल्पसंख्यक गुरुकुलों और शैक्षणिक संस्थानों के लंबित आहार और किराया बकाया के लिए 47.61 करोड़ रुपए जारी करने का आदेश दिया।
आहार शुल्क में 40% और सौंदर्य प्रसाधन शुल्क में 200% की वृद्धि
इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित लंबित भुगतानों के लिए 63.92 करोड़ रुपए तत्काल जारी करने का निर्देश दिया। यह याद दिलाते हुए कि जनता की सरकार ने सत्ता संभालने के बाद गुरुकुल और छात्रावास के छात्रों के लिए पौष्टिक, विविध और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन सुनिश्चित करने हेतु आहार शुल्क में 40% और सौंदर्य प्रसाधन शुल्क में 200% की वृद्धि की थी।
प्रशासकों को गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहिए
भट्टी विक्रमार्क ने ज़ोर देकर कहा कि प्रशासकों को गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहिए और सरकार द्वारा निर्धारित मेनू का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छात्रों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की समीक्षा के लिए एक निश्चित कैलेंडर के अनुसार नियमित रूप से सरकारी शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण करें। भट्टी विक्रमार्क ने निर्देश दिया कि संबंधित प्रशासक इन दौरों की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया और अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
मल्लू रवि और भट्टी विक्रमार्क के बीच क्या संबंध है?
मल्लू रवि और भट्टी विक्रमार्क — दोनों तेलंगाना कांग्रेस पार्टी (Indian National Congress, Telangana) के वरिष्ठ नेता हैं।
उनके बीच राजनीतिक संबंध (Political Association) है, यानी दोनों एक ही पार्टी से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस में साथ काम कर रहे हैं।
संक्षेप में:
- दोनों तेलंगाना कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं।
- दोनों ने राज्य की राजनीति और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
- परिवारिक या रिश्तेदारी संबंध नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक सहयोगी हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :