सीआईएल-केमटत्वा संयुक्त उपक्रम जीनोम वैली में लगाएगा अत्याधुनिक संयंत्र
हैदराबाद। कैम्ब्रिज आइसोटोप लैबोरेटरीज (CIL) ने केमतत्व चिरल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम की घोषणा की है। इसके तहत जीनोम वैली, हैदराबाद में अत्याधुनिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सुविधा स्थापित की जाएगी। इस परियोजना पर अगले तीन वर्षों में लगभग 300 करोड़ रुपये तक का निवेश किया जाएगा। यह संयंत्र स्थापित होने के बाद 250 से अधिक उच्च-कुशल (हाई-स्किल) रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। साथ ही यह परियोजना भारत की उन स्थिर समस्थानिक-चिह्नित (स्टेबल आइसोटोप-लेबल्ड) यौगिकों के निर्माण क्षमता को मजबूत करेगी, जिनका उपयोग औषधि अनुसंधान, डायग्नोस्टिक्स (Diagnostics), ओएलईडी सामग्री तथा सेमीकंडक्टर अनुप्रयोगों में किया जाता है।
बैठक के बाद की गई निवेश की घोषणा
इस निवेश की घोषणा कंपनी प्रतिनिधिमंडल और दुडिल्ला श्रीधर बाबू, सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री, तेलंगाना के बीच हुई बैठक के बाद की गई। इस बैठक में तेलंगाना लाइफ साइंसेज के सीईओ शक्ति एम. नागप्पन भी उपस्थित थे। सीआईएल, जापान की दिग्गज कंपनी ओत्सुका फार्मास्यूटिकल कंपनी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनियों ने निवेश के लिए तेलंगाना को इसलिए चुना क्योंकि यहां मजबूत लाइफ साइंसेज पारिस्थितिकी तंत्र, कुशल मानव संसाधन, बेहतर बुनियादी ढांचा और राज्य सरकार का सक्रिय सहयोग उपलब्ध है। संयंत्र के संचालन शुरू होने के बाद भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भूमिका और मजबूत होगी, विशेषकर फार्मास्यूटिकल अनुसंधान उपकरणों और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के क्षेत्र में। इससे तेलंगाना की पहचान एक प्रमुख लाइफ साइंसेज तथा विशेष रसायन (स्पेशियलिटी केमिकल्स) केंद्र के रूप में और सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
कैम्ब्रिज आइसोटोप लैबोरेट्रीज कहाँ स्थित है?
मुख्यालय अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के ट्यूक्सबरी शहर में स्थित है। यह कंपनी स्थिर आइसोटोप-लेबल्ड रसायनों और यौगिकों के निर्माण व आपूर्ति के लिए जानी जाती है। इसके उत्पादों का उपयोग विश्वभर के शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और फार्मास्यूटिकल उद्योगों में किया जाता है। वैज्ञानिक अनुसंधान और विश्लेषणात्मक प्रयोगों के लिए आवश्यक विशेष रसायनों की आपूर्ति में इस संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। इसके अंतरराष्ट्रीय वितरण नेटवर्क के माध्यम से कई देशों में उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं।
आइसोटोप का उपयोग क्या है?
विज्ञान और तकनीक के कई क्षेत्रों में इनका महत्वपूर्ण उपयोग होता है। चिकित्सा क्षेत्र में रोगों की पहचान, कैंसर उपचार और रेडियोथेरेपी में आइसोटोप उपयोगी साबित होते हैं। कृषि में मिट्टी की गुणवत्ता, पौधों की वृद्धि और उर्वरकों के प्रभाव का अध्ययन करने में इनकी मदद ली जाती है। इसके अलावा पर्यावरण अनुसंधान, औद्योगिक परीक्षण, खाद्य गुणवत्ता जांच तथा वैज्ञानिक प्रयोगों में भी आइसोटोप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं को समझने में सहायता करते हैं।
कैम्ब्रिज आइसोटोप का मालिक कौन है?
एक निजी स्वामित्व वाली वैज्ञानिक कंपनी के रूप में यह संस्था जानी जाती है। इसकी स्थापना वर्ष 1981 में वैज्ञानिक और उद्यमी डॉ. जॉन एम. हेस्टर और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी। कंपनी का संचालन पेशेवर प्रबंधन टीम और विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किया जाता है। समय के साथ यह संगठन आइसोटोप-लेबल्ड रसायनों के निर्माण और आपूर्ति में विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है और शोध तथा औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक पहचान रखता है।
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