हैदराबाद। टीपीसीसी सोशल मीडिया एवं टीजीटीएस के चेयरमैन मन्ने सतीश (Satish) ने बीआरएस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल पूछने मात्र पर राजेंद्र नामक व्यक्ति के घर जाकर क्रिशांक द्वारा हमला करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह घरों में घुसकर हमले करने की प्रवृत्ति से तेलंगाना में फैक्शनल राजनीति (Politics) को बढ़ावा दिया जा रहा है। सतीश ने कहा कि घर के बुजुर्गों के निवेदन के बावजूद धमकियों पर उतर आना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
बीआरएस नेता राज्य में अराजकता फैला रहे
उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता राज्य में अराजकता फैला रहे हैं और मुख्यमंत्री व अन्य नेताओं पर क्रिशांक निराधार आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मंत्रियों सीतक्का और पोंगुलेटी श्रीनिवास द्वारा प्रस्तुत तथ्यों का सामना न कर पाने के कारण इस तरह की हरकतें की जा रही हैं। आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं के लिए मोबाइल फोन खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए सतीश ने कहा कि यह पूरी तरह से भ्रामक प्रचार है।
ओपन टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही खरीदे गए मोबाइल फोन
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ ओपन टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही मोबाइल फोन खरीदे गए हैं। सतीश ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के राज्य सरकार पर आरोप लगाना ही बीआरएस का उद्देश्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
CCTNS पुलिस क्या है?
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) पुलिस विभाग की एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य अपराध और अपराधियों से जुड़ी जानकारी को ऑनलाइन जोड़ना है। इसके माध्यम से एफआईआर, केस रिकॉर्ड, अपराधियों का डेटा और जांच संबंधी सूचनाएं एक ही नेटवर्क पर उपलब्ध होती हैं। इससे पुलिस कार्य तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनता है तथा विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय आसान होता है।
फ्रेंड्स ऑफ पुलिस भर्ती के लिए आवेदन कैसे करें?
फ्रेंड्स ऑफ पुलिस एक सामाजिक सहयोग कार्यक्रम होता है, जिसमें नागरिक पुलिस की सहायता के लिए स्वयंसेवक के रूप में जुड़ते हैं। आवेदन के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन, जिला पुलिस कार्यालय या संबंधित राज्य पुलिस की आधिकारिक सूचना देखी जाती है। पहचान पत्र, फोटो और आवश्यक दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। चयन प्रक्रिया स्थान के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय पुलिस से सही जानकारी लेना सबसे बेहतर होता है।
पुलिस थप्पड़ मारे तो क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में शांत रहकर तुरंत घटना की जानकारी नोट करें, जैसे स्थान, समय और मौजूद गवाह। यदि चोट लगी हो तो मेडिकल जांच कराएं और रिपोर्ट सुरक्षित रखें। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पुलिस शिकायत प्राधिकरण या मानवाधिकार आयोग में लिखित शिकायत दी जा सकती है। यदि मामला गंभीर हो तो वकील की सलाह लेकर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अपने अधिकारों की जानकारी रखना बहुत जरूरी है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :