प्रथम निगम परिषद बैठक में 30 विषयों पर स्वीकृति
हैदराबाद। राज्य के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव तथा विशेष अधिकारी जयेश रंजन (Jayesh Ranjan) ने निर्देश दिया है कि 6 मार्च से 12 जून तक संचालित होने वाली 99 दिवसीय ‘प्रजा पालन–प्रगति प्राणालिका’ को महानगर निगम क्षेत्र में पूर्णतः परिणामोन्मुख और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। सोमवार को महानगर निगम मुख्यालय में उनकी अध्यक्षता में आयोजित प्रथम निगम परिषद बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व स्थायी समिति द्वारा अनुमोदित 30 विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर परिषद ने उन्हें स्वीकृति प्रदान की। विशेष मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 14 सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान में प्रत्येक सप्ताह एक विशिष्ट विषय रखा जाएगा। प्रथम सप्ताह ‘स्वच्छता’ (cleanliness) पर केंद्रित रहेगा।
सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई
इसके अंतर्गत कचरा संवेदनशील स्थलों की पहचान कर उन्हें समाप्त करना, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई, विद्युत अपशिष्ट का संग्रहण, झीलों और तालाबों की सफाई तथा वस्त्र अपशिष्ट एकत्रीकरण जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से इन कार्यों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि युवा सप्ताह के दौरान युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा नशामुक्ति के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे 99 दिनों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उच्च अधिकारियों की सतत निगरानी में कार्यक्रम को सफल बनाएं। बैठक में यह भी बताया गया कि सुशासन केंद्र दो दिनों के भीतर निगम की परिसंपत्तियों और दायित्वों के विभाजन की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा।
सड़क चौड़ीकरण हेतु संपत्तियों का अधिग्रहण
परिषद ने विभिन्न अवसंरचनात्मक एवं विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इनमें प्रमुख रूप से विभिन्न चौराहों पर उड्डानपुल और समपार पृथक्करण संरचनाओं का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण हेतु संपत्तियों का अधिग्रहण, नालों के पुनर्निर्माण और विस्तार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, पार्कों का नामकरण, खेल परिसर के नाम परिवर्तन, भूमि विनिमय प्रस्ताव, जल निकासी तंत्र सुदृढ़ीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य सम्मिलित हैं। बैठक में महानगर निगम आयुक्त आर. वी. कर्णन, अतिरिक्त आयुक्तों, मुख्य अभियंता तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वच्छता से आप क्या समझते हैं?
यह शरीर, मन, घर और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा और स्वास्थ्यकर बनाए रखने की आदत और व्यवस्था को दर्शाती है। इसमें व्यक्तिगत साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शुद्ध जल का उपयोग और स्वच्छ परिवेश शामिल है। साफ वातावरण से बीमारियाँ कम होती हैं और जीवन स्तर बेहतर बनता है। यह केवल सफाई नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन शैली अपनाने की निरंतर प्रक्रिया है।
स्वच्छता के 7 प्रकार क्या हैं?
आम तौर पर सात प्रमुख प्रकार माने जाते हैं—(1) व्यक्तिगत स्वच्छता, (2) घरेलू स्वच्छता, (3) पर्यावरणीय स्वच्छता, (4) खाद्य स्वच्छता, (5) जल स्वच्छता, (6) सामाजिक स्वच्छता और (7) मानसिक स्वच्छता। इन सभी का उद्देश्य स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना है। विद्यालयों और समुदायों में इन पहलुओं पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिससे लोग स्वच्छ आदतें अपनाकर रोगों से बच सकें।
स्वच्छता अभियान से आप क्या समझते हैं?
यह एक संगठित प्रयास होता है, जिसका लक्ष्य समाज को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना और व्यवहार में बदलाव लाना है। उदाहरण के लिए, स्वच्छ भारत अभियान देशव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य खुले में शौच मुक्त भारत और स्वच्छ सार्वजनिक स्थान सुनिश्चित करना है। ऐसे अभियानों में सरकार, स्कूल, स्वयंसेवी संगठन और नागरिक मिलकर भाग लेते हैं।
स्वच्छता पर निबंध कैसे लिखें?
निबंध लिखते समय शुरुआत में स्वच्छता का अर्थ और महत्व बताएं। मध्य भाग में इसके प्रकार, लाभ और सामाजिक प्रभाव का वर्णन करें। उदाहरण और सरकारी पहलों का उल्लेख करने से लेख प्रभावी बनता है। अंत में निष्कर्ष में व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दें। सरल भाषा, स्पष्ट अनुच्छेद और सुसंगत विचार निबंध को आकर्षक और प्रभावशाली बनाते हैं।
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