Crime : अवैध शिकार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छह आरोपी गिरफ्तार

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अवैध शिकार
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शिकार के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते थे आरोपी

हैदराबाद। कमिश्नर टास्क फोर्स (गोलकोंडा जोन) की टीम ने वन विभाग (Forest Department) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए शादनगर और मकथल वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अवैध शिकार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एयरगन का उपयोग कर हिरण, मोर, खरगोश, बटेर (कमजू पिट्टा) और कबूतर जैसे वन्य जीवों का शिकार कर रहे थे। आरोपी शिकार के वीडियो भी अपने मोबाइल (Mobile) फोन में रिकॉर्ड करते थे। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से चार एयरगन, एक लाइसेंसी राइफल (20 जिंदा कारतूस सहित), एक स्कॉर्पियो कार, आठ मोबाइल फोन, एयरगन पेलेट्स तथा अन्य सामग्री जब्त की गई है।

लगभग 8 लाख रुपये जब्त संपत्ति की कुल कीमत

जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद मुज्जफ्फर हुसैन उर्फ गुड्डू, मीर अहमद आमिर, अब्दुल्ला बिन साहिन, सऊद बिन मोहम्मद बलाब, मसूद बिन मोहम्मद और के. शेखर शामिल हैं। इनमें से मीर अहमद आमिर पेशेवर शूटर है, जो तेलंगाना राइफल एसोसिएशन से जुड़ा हुआ है, जबकि के. शेखर वन क्षेत्रों में जानवरों के ठिकानों की जानकारी देता था। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले एक वर्ष से शादनगर और मकथल के जंगलों में नियमित रूप से शिकार कर रहे थे। वे शिकार किए गए जानवरों का मांस आपस में बांटकर खाते थे और अवशेषों को नहर (जुराला बैकवाटर) में फेंक देते थे।

इस मामले में वन विभाग के हैदराबाद ईस्ट रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (टास्क फोर्स) आंडे श्रीनिवास राव के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर आर. वेंकटेश, एसआई के. वेंकटरमण और उनकी टीम द्वारा की गई।

गोलकुंडा के संस्थापक कौन थे?

ऐतिहासिक किले की शुरुआत Kakatiya dynasty के शासकों ने की थी। बाद में Qutb Shahi dynasty ने इसे मजबूत और भव्य किले के रूप में विकसित किया। यह किला समय के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य और व्यापारिक केंद्र बन गया।

गोलकुंडा का मतलब क्या होता है?

अर्थ “गोल्ला कोंडा” से निकला माना जाता है, जिसका मतलब होता है “गड़रियों की पहाड़ी”। यह नाम स्थानीय भाषा से आया है और उस क्षेत्र की भौगोलिक व सामाजिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है। समय के साथ यह नाम बदलकर गोलकुंडा के रूप में प्रचलित हो गया।

गोलकुंडा की खान कहाँ है?

हीरे की प्रसिद्ध खानें Golconda क्षेत्र के आसपास स्थित थीं। खास तौर पर Kollur Mines बहुत प्रसिद्ध रही हैं, जहां से दुनिया के कई मशहूर हीरे निकाले गए। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से हीरा व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता था।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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