हैदराबाद। तेलंगाना में आरटीसी (RTC) कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रहने से राज्यभर में परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच भाजपा ने हड़ताल का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने बस भवन पहुंचकर हड़ताली कर्मचारियों के प्रति एकजुटता जताई और आरटीसी डिपो में चल रहे धरना स्थल का दौरा किया। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के आत्मघाती कदम न उठाएं और आश्वासन दिया कि भाजपा उनकी मांगों के समाधान तक संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी। राव ने कहा कि मौजूदा स्थिति के लिए कांग्रेस सरकार (Congress Govt.) पूरी तरह जिम्मेदार है और उसे तुरंत कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए।
आत्महत्या का प्रयास किया गया, जो बेहद चिंताजनक
उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान तीन कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया, जो बेहद चिंताजनक है। इनमें से वारंगल जिले के नरसंपेट मंडल के मुत्तोजीपेटा निवासी चालक कोला शंकर गौड़, जिन्होंने हड़ताल के चलते आत्महत्या का प्रयास किया था, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। भाजपा ने शंकर गौड़ के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। राव ने आरोप लगाया कि सरकार आरटीसी कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है और समाधान निकालने के बजाय समितियों के नाम पर समय बर्बाद कर रही है।
कर्मचारियों के मुद्दों पर उनके साथ खड़ी रही है भाजपा
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी कर्मचारियों के मुद्दों पर उनके साथ खड़ी रही है, चाहे वह बीआरएस सरकार के समय आरटीसी के विलय की मांग हो या अन्य लंबित समस्याएं। 2017 से लंबित पीआरसी बकाया और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान न होना सरकारों की लापरवाही को दर्शाता है। राव ने सरकार से मांग की कि वह तुरंत आरटीसी का सरकार में विलय करे, जैसा कि देश के कई राज्यों में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान के लिए शुरू हुआ आंदोलन अब हड़ताल में बदलकर राज्य में गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है।
हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
यह शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत, स्वादिष्ट बिरयानी, मोतियों के व्यापार और आईटी उद्योग के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां का Charminar विश्वभर में पहचान रखता है। साथ ही Golconda Fort, Hussain Sagar और फिल्म उद्योग भी इसे खास बनाते हैं। शिक्षा, व्यापार और आधुनिक तकनीक का बड़ा केंद्र होने के कारण इसे “सिटी ऑफ पर्ल्स” भी कहा जाता है।
तिलक वर्मा का जन्म हैदराबाद में कहां हुआ था?
भारतीय क्रिकेटर Tilak Varma का जन्म हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से आए और बचपन से ही क्रिकेट के प्रति समर्पित रहे। उनका पालन-पोषण शहर के स्थानीय माहौल में हुआ, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती क्रिकेट ट्रेनिंग ली। मेहनत और प्रतिभा के बल पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर भारतीय टीम तक अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने।
हैदराबाद कपड़ों के लिए क्या प्रसिद्ध है?
यह शहर पारंपरिक और शाही परिधानों के लिए खास पहचान रखता है। यहां की हैदराबादी साड़ियां, खासकर पोचमपल्ली, गडवाल और बनारसी शैली से प्रेरित डिज़ाइन बहुत लोकप्रिय हैं। मोतियों और ज़री के काम वाले लहंगे, शेरवानी और कुर्ते भी काफी प्रसिद्ध हैं। Laad Bazaar और Sultan Bazaar जैसे बाजार पारंपरिक कपड़ों और शादी के परिधानों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
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