हैदराबाद। पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री सीतक्का (Panchayat Raj and Rural Development Minister Seethakka) ने कहा है कि देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MANREGA) की रक्षा करना जनता की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना को सुरक्षित रखने के लिए गांवों में प्रस्ताव (रिज़ॉल्यूशन) पारित कराएगी। सोमवार को गांधी भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि इन प्रस्तावों में मनरेगा का नाम बदलने के प्रयासों का विरोध किया जाएगा और इन्हें केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके अलावा, 27 या 28 दिसंबर को रैलियों का आयोजन कर केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा।
भाजपा ने एक बार फिर गांधी की हत्या की
सीतक्का ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पलायन रोकने और बंधुआ मजदूरी से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से यह कानून लागू किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने रोजगार गारंटी योजना को कमजोर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार गारंटी अधिनियम से गांधी जी का नाम हटाकर भाजपा ने एक बार फिर गांधी की हत्या की है। भाजपा इस योजना को समाप्त कर बंधुआ मजदूरी की व्यवस्था वापस लाना चाहती है।”
वर्तमान में ग्रामीण विकास मंत्री और पंचायती राज मंत्री कौन हैं?
केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यभार शिवराज सिंह चौहान के पास है। वहीं पंचायती राज मंत्रालय की जिम्मेदारी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह निभा रहे हैं। दोनों मंत्रालय ग्रामीण शासन और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य देखते हैं।
भारत में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कौन है?
सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। पंचायती राज मंत्रालय का दायित्व राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह संभाल रहे हैं। ये दोनों मंत्री ग्रामीण क्षेत्र के विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्री कौन हैं?
वर्तमान समय में भारत सरकार के पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह हैं। वे देश में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली, स्थानीय स्वशासन और ग्रामीण प्रशासन से संबंधित नीतियों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालते हैं।
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