Uniform Civil Code : यूसीसी किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं – राव

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धर्म या जाति
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Uniform Civil Code : हैदराबाद। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने गुरुवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) किसी भी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और बच्चों को समान कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने वाला कानून है। रंगा रेड्डी जिले के मोइनाबाद में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून संपत्ति और गोद लेने के अधिकार प्रदान करेगा तथा अनुसूचित जनजातियों की परंपराओं की भी रक्षा करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही तीन तलाक समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिला चुके हैं। रामचंदर राव ने कहा कि भाजपा (BJP) के लिए यूसीसी (Uniform Civil Code) उतना ही महत्वपूर्ण है जितना अनुच्छेद 370 को हटाना था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, गोवा और असम जैसे राज्यों में यह कानून पहले ही लागू किया जा चुका है तथा असम सरकार के फैसले की उन्होंने सराहना की।

कांग्रेस और बीआरएस पर भी साधा निशाना

उन्होंने मतदाता सूची शुद्धिकरण, किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी के मुद्दों पर कांग्रेस और बीआरएस पर भी निशाना साधा। उनका दावा था कि तेलंगाना की जनता राजनीतिक परिवर्तन के लिए भाजपा की ओर देख रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर दुष्प्रचार किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस, बीआरएस और मजलिस पार्टियां चुनाव आयोग द्वारा फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाने के फैसले के खिलाफ गलत प्रचार कर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान जब यह प्रक्रिया 10 बार हुई तब चुप रहने वाले लोग अब हार के डर से ईवीएम और एसआईआर का बहाना ढूंढ रहे हैं। इस अवसर पर रामचंदर राव ने रंगा रेड्डी जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं से मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने और तेलंगाना में “डबल इंजन सरकार” स्थापित करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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UCC का उद्देश्य क्या है?

समान नागरिक संहिता यानी UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेना और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना माना जाता है। इसका लक्ष्य अलग-अलग धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर एक समान नागरिक व्यवस्था बनाना है। समर्थकों के अनुसार इससे समानता और न्याय को बढ़ावा मिल सकता है। यह विषय भारत में लंबे समय से कानूनी और सामाजिक चर्चा का हिस्सा रहा है।

संविधान का अनुच्छेद 44 क्या कहता है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य को देश में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने की बात कहता है। यह संविधान के नीति निदेशक तत्वों में शामिल है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की दिशा में कार्य करना माना गया है। हालांकि यह सीधे लागू होने वाला मौलिक अधिकार नहीं है।

यूसीसी कानून क्या है 2026 में?

2026 तक समान नागरिक संहिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी रही है। कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर इससे संबंधित कदम उठाए हैं, जबकि पूरे देश में एक समान कानून लागू करने पर अभी भी विचार-विमर्श और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। UCC मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक कानूनों से जुड़ा विषय माना जाता है। इसकी स्थिति समय-समय पर सरकार और न्यायालयों के निर्णयों के अनुसार बदल सकती है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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