रवींद्र भारती में बसवेश्वर की 893वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
हैदराबाद। हैदराबाद स्थित रवींद्र भारती (Ravindra Bharati) में महात्मा बसवेश्वर की 893वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम में मंत्री पोन्नम प्रभाकर, वाकिटी श्रीहरी, जहीराबाद के सांसद सुरेश शेतकर, सीपी सज्जनार समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री वाकिटी श्रीहरी ने महात्मा बसवेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को समानता, न्याय और भाईचारे जैसे महान मूल्यों की सीख दी। “कायकमे कैलासम” का संदेश आज भी हर व्यक्ति को अपने श्रम (Labor) के बल पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
समाज को एकजुट करने का किया आह्वान
उन्होंने कहा कि बसवेश्वर ने जाति, धर्म और वर्ग भेद से ऊपर उठकर समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने स्त्री-पुरुष समानता पर विशेष बल देते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया। मंत्री ने कहा कि आज भी समाज में मौजूद असमानताओं और भेदभाव के बीच बसवेश्वर के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हम समानता, न्याय और भाईचारे के मूल्यों को व्यवहार में नहीं लाएंगे, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।
सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने बताया कि तेलंगाना सरकार बसवेश्वर के आदर्शों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि बसवेश्वर की शिक्षाओं को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में अपनाएं और एक समानतापूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
2026 में बसवेश्वर महाराज जयंती कब है?
साल 2026 में बसवेश्वर जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया (अक्षय तृतीया) के दिन आती है। इस दिन कर्नाटक सहित कई राज्यों में विशेष कार्यक्रम, पूजा-अर्चना और शोभायात्राएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें संत बसवेश्वर के विचारों को याद किया जाता है।
बसवा जयंती 2026 किस तारीख को है?
वर्ष 2026 में बसवा जयंती 30 अप्रैल, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान बसवेश्वर की जयंती के रूप में मनाया जाता है और खासतौर पर लिंगायत समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर श्रद्धालु मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और उनके सामाजिक एवं धार्मिक संदेशों को स्मरण करते हैं।
बसवेश्वर का जीवन परिचय क्या है?
बसवेश्वर 12वीं सदी के महान संत, समाज सुधारक और दार्शनिक थे, जिनका जन्म कर्नाटक के बागेवाड़ी में हुआ था। उन्होंने जाति प्रथा, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया और समानता, श्रम तथा भक्ति पर आधारित “वचन” साहित्य को बढ़ावा दिया। वे कल्याणी के चालुक्य राजा के दरबार में मंत्री भी रहे और लिंगायत धर्म के प्रमुख प्रवर्तक माने जाते हैं, जिनके विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
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