उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस (Police) ने सरगना समेत पांच मुख्य आरोपियों और तीन अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अदालत का फैसला : अलग-अलग अवधि की रिमांड
तमाड़ पुलिस ने अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार (Additional Judge Yogesh Kumar) की अदालत में सभी आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लेने का अनुरोध किया था। हालांकि अदालत ने सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद को तीन दिन की रिमांड पर भेजा है। वहीं तीन अभ्यर्थियों को दो दिन की रिमांड पर लेने का आदेश दिया गया है।
आमने-सामने पूछताछ से खुलेंगे राज
सोमवार से शुरू हुई रिमांड अवधि (Remand period) के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। सरगना और अभ्यर्थियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ किए जाने की भी संभावना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक की साजिश कहां और कैसे रची गई। जांच एजेंसियां इस दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सफेदपोशों तक पहुंचने की कोशिश में हैं।
74 अभ्यर्थियों की जमानत पर सुनवाई टली
मामले में गिरफ्तार 74 अन्य अभ्यर्थियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई टल गई है। 14 से 17 अप्रैल के बीच करीब 150 अभ्यर्थियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था। अदालत ने केस डायरी पेश नहीं होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी और अगली तारीख 25 अप्रैल तय की है।
अन्य पढ़े: IT सेक्टर में बड़ा झटका, 3 महीनों में 80 हजार छंटनी
क्या है पूरा मामला?
उत्पाद सिपाही परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने तमाड़ के रड़गांव सहित कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सरगना समेत 166 लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जिसमें कई स्तरों पर साजिश रची गई थी।
Read More :