हैदराबाद। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB ), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) अधिनियम पर एक दिवसीय वर्तालाप मीडिया कार्यशाला का आयोजन आईसीएआर–नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मैनेजमेंट (NAARM ), हैदराबाद में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिनियम के प्रति जागरूक करना
इस कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को प्रस्तावित अधिनियम के प्रति जागरूक करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों और गलत सूचनाओं का निराकरण करना था। कार्यशाला में महानिदेशक, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर)डॉ. जी. नरेंद्र कुमार तथा कार्यवाहक निदेशक, नॉर्म डॉ. गोपाल लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
न्यूनतम मजदूरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी
पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. जी. नरेंद्र कुमार ने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप वीबी-जी राम-जी अधिनियम एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं से जोड़कर यह अधिनियम रोजगार सृजन, सतत एवं समावेशी ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। न्यूनतम मजदूरी में कटौती की आशंकाओं को खारिज करते हुए डॉ. नरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि नए अधिनियम के तहत न्यूनतम मजदूरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
भारत में कृषि श्रमिकों की कमी एक गंभीर चुनौती
श्रम से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए डॉ. गोपाल लाल, कार्यवाहक निदेशक, नॉर्म ने कहा कि विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश होने के बावजूद भारत में कृषि श्रमिकों की कमी एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि नया अधिनियम कृषि और उससे जुड़े ग्रामीण कार्यों में श्रमिकों की पुनः भागीदारी को प्रोत्साहित कर इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है। पीआईबी के उप निदेशक, मानस कृष्ण कांत ने पत्रकारों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सही और तथ्यात्मक जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की अहम जिम्मेदारी है।
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