2 मई को कन्हा शांति वनम में आयोजन
हैदराबाद। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) 2026 की उलटी गिनती के तहत 2 मई को हैदराबाद के पास कन्हा शांति वनम में भव्य “योग महोत्सव 2026” का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो योग के वैश्विक उत्सव के लिए 50 दिन की शुरुआत का प्रतीक है। कार्यक्रम सुबह 6 बजे से शुरू होगा, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में योग प्रेमियों के भाग लेने की संभावना है। सभी प्रतिभागी साझा योग अभ्यास क्रम का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भुजंगासन (Bhujangasana) का सामूहिक प्रदर्शन होगा, जिसके माध्यम से एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही हार्टफुलनेस संस्था के अध्यक्ष कमलेश डी. पटेल भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने “योग 365” अभियान के तहत लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की, जिससे समग्र स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बढ़ावा मिल सके।
आयुष आहार भी किया जाएगा वितरित
कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, संयुक्त सचिव मोनालिसा दास सहित वरिष्ठ अधिकारी, योग विशेषज्ञ, आयुष पद्धति और आधुनिक चिकित्सा के विशेषज्ञ तथा देशभर के योग साधक भाग लेंगे। इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भागीदारी होगी। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और हार्टफुलनेस संस्था के सदस्य सिंगापुर, चीन, वियतनाम, कोलंबिया, मलेशिया, ब्राजील और युगांडा सहित कई स्थानों से आभासी रूप से जुड़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान आयुष आहार भी वितरित किया जाएगा। यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले व्यापक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ योग को स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।
योग दिवस 2025 की थीम क्या है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “Yoga for One Earth, One Health” रखी गई है। इसका उद्देश्य यह बताना है कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सामाजिक संतुलन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है। यह थीम व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने का संदेश देती है तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
21 जून को योग दिवस क्यों मनाया जाता है?
21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है और इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व भी है। भारतीय परंपरा में यह दिन ऊर्जा, संतुलन और चेतना से जुड़ा माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे व्यापक समर्थन मिला। इसके बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
योग दिवस का इतिहास क्या है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में हुई, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसका प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के वैश्विक महत्व को बताते हुए इसे विश्व स्तर पर मान्यता देने की अपील की। 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, जिसमें दुनिया भर के लोगों ने भाग लिया।
योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। यह तनाव कम करने, मानसिक शांति बढ़ाने और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक है। साथ ही, यह समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और सामूहिक स्वास्थ्य के महत्व को भी बढ़ावा देता है।
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