Weather :  कल से फिर गिरेगा पारा, 3 डिग्री तक तापमान में गिरावट

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मौसम विभाग ने ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की। कहीं-कहीं हल्की बारिश, सुबह-शाम कोहरा छाएगा
ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की संभावना।

छत्तीसगढ़ में अगले (Chhattisgarh) 24 घंटे के दौरान रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। वहीं, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और कोहरा छाने की संभावना भी है।

उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ उसके आसपास के इलाकों में बने साइक्लोन सर्कुलेशन के असर से छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 29.8°C जगदलपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 08.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया

इस बीच, अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की (Cold) ठंड से मौत हो गई। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।

अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।

बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर

कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।

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नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।

NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले

डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

क्या है हाइपोथर्मिया?

हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।

पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।

अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

मौसम भविष्यवाणी क्या है?

मौसम का पूर्वानुमान (Weather forecasting) का अर्थ है किसी स्थान के वायुमंडल की भविष्य में स्थिति की भविष्यवाणी करना। मनुष्य हजारों वर्षों से अनौपचारिक रूप से मौसम की भविष्यवाणी करते रहा है और औपचारिक रूप से कम से कम उन्नीसवीं शती से मौसम की भविष्यवाणी कर रहा है।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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