भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर भी गर्म
तेज गर्मी से पूरा मध्य प्रदेश तप गया है। दिन का तापमान 42 डिग्री और रात 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गर्मी का असर बढ़ा है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रतलाम, खजुराहो समेत 14 शहरों में टेम्पेरेचर 40 डिग्री या इससे अधिक रहा।
IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने 16 मार्च से प्रदेश में हीट वेव (Heatwave) यानी, लू चलने का अलर्ट जारी किया है। 16, 17 और 18 अप्रैल को प्रदेश के 17 जिले लू से प्रभावित रहेंगे। इससे पहले मंगलवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी रही। मौसम विभाग की माने तो नर्मदापुरम में दिन के साथ रात भी सबसे गर्म है। रात में तापमान 25 डिग्री रहा।
इसी तरह रतलाम में (41.4) डिग्री, खजुराहो-नौगांव में 41 डिग्री, धार में 40.6 डिग्री, बैतूल में 40.5 डिग्री, श्योपुर-रायसेन में 40.4 डिग्री, शाजापुर, गुना-खरगोन में 40.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.1 डिग्री, दमोह, सागर-मलाजखंड में तापमान 40 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-जबलपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री, इंदौर में 39.8 डिग्री और ग्वालियर-उज्जैन में 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
नया सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन असर नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। इसका असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में ही दिखाई देगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं।
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कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।
अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश
बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा।
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।
फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था।
इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।
मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई
मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है।
तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें।
MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड…
एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया।
ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।
20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।
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