नई दिल्ली । जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय (Home Minister) ने जारी अधिसूचना में जनगणना के पहले चरण के लिए प्रश्नावली का विवरण सार्वजनिक कर दिया है। इस चरण में घरों और मकानों की गणना की जाएगी, जिसमें कुल 33 सवाल शामिल होंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी, जिसे पहले वर्ष 2021 में कराया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था।
जनगणना दो चरणों में होगी पूरी
सरकार के मुताबिक जनगणना को दो अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।
पहला चरण: हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026)
पहला चरण (House Listing Operation) 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित होगा। हर राज्य को यह कार्य 30 दिनों के अंदर पूरा करना होगा। इसमें हर मकान, भवन और संस्थान से जुड़ी बुनियादी जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
दूसरा चरण: जनसंख्या गणना (फरवरी 2027)
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में होगा। इस चरण में लोगों की उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, भाषा, धर्म समेत विस्तृत सामाजिक-आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी। इसकी प्रश्नावली बाद में जारी की जाएगी।
पहले चरण की प्रश्नावली में क्या-क्या शामिल है?
पहले चरण की प्रश्नावली में मकान और परिवार से जुड़ी सुविधाओं पर फोकस रहेगा। इसमें शामिल हैं:
- मकान या भवन की पहचान संख्या
- फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री
- मकान का उपयोग (आवासीय, व्यावसायिक आदि)
- परिवार के सदस्यों की संख्या
- परिवार के मुखिया की जानकारी
- पेयजल, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, बिजली, इंटरनेट
- वाहन स्वामित्व (कार, बाइक, साइकिल)
- मुख्य खाद्य उपभोग जैसे अनाज की जानकारी
यह जानकारी परिवार के वरिष्ठ सदस्य द्वारा दी जाएगी।
सेल्फ-एन्यूमरेशन और डिजिटल डेटा संग्रह
अभियान शुरू होने से करीब 15 दिन पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। पूरा डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज होगा।
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जनगणना 2027: नीति निर्माण का आधार
कोविड-19 महामारी के चलते 2021 में प्रस्तावित जनगणना को स्थगित कर दिया गया था। अब जनगणना 2027 के आंकड़े नीति निर्माण, संसाधन आवंटन, परिसीमन और कल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला बनेंगे। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना को जनगणना प्रक्रिया की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
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