Mancherial : जंगली सूअर ने किसान को सींग मारकर मार डाला

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जंगली सूअर
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किसान की मौत से परिवार में मातम

मंचेरियल: कन्नेपल्ली मंडल के सुरजापुर गांव में शनिवार को अपनी कपास की फसल का निरीक्षण करते समय एक जंगली सूअर (Wild boar) के हमले में 60 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। वन अधिकारियों ने बताया कि वेंकटपुर के एक किसान (Farmer) दगामा रामैया को सूअर ने गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुंडला चिरंजीवी और मेकला बापू को भी मामूली चोटें आईं, जब उसी सूअर ने खेतों में काम करते समय उन पर हमला किया। दोनों को बेल्लमपल्ली के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया

जंगली सूअर क्या हैं?

प्राकृतिक वनों और झाड़ियों में पाए जाने वाले जंगली सूअर स्तनधारी प्राणी हैं। ये सूअर घरेलू सूअरों के पूर्वज माने जाते हैं और अपनी ताकत तथा आक्रामक स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हैं। इनका शरीर मजबूत, खुरदुरी खाल और लंबे दाँत होते हैं जिन्हें दाढ़ या द tusks कहा जाता है। ये सर्वाहारी होते हैं और घास, जड़ें, फल, कीड़े-मकोड़े, छोटे जीव तथा फसलें तक खा जाते हैं। इनका सामाजिक व्यवहार झुंडों में रहना है। कृषि को नुकसान पहुँचाने और कभी-कभी शिकारी स्वभाव के कारण किसानों द्वारा इन्हें खतरे के रूप में भी देखा जाता है।

जंगली सूअर की आयु कितनी होती है?

जीव विज्ञान के अनुसार जंगली सूअर की औसत आयु लगभग 10 से 15 वर्ष तक होती है, जबकि आदर्श परिस्थितियों में यह 20 वर्ष तक भी जीवित रह सकते हैं। जंगलों में शिकारियों और बीमारियों के कारण इनकी उम्र सामान्यतः कम होती है। प्राकृतिक आवास में भोजन और पानी की उपलब्धता भी इनकी जीवन अवधि पर प्रभाव डालती है। कैद में या सुरक्षित संरक्षित क्षेत्रों में ये अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं। जंगली सूअर का जीवनचक्र काफी मजबूत होता है और वे कठिन परिस्थितियों को झेलने की क्षमता रखते हैं।

जंगली सूअर कहाँ पाए जाते हैं?

दुनिया के कई हिस्सों में जंगली सूअर पाए जाते हैं, जिनमें एशिया, यूरोप और अफ्रीका प्रमुख क्षेत्र हैं। भारत में ये मुख्य रूप से घने जंगलों, घास के मैदानों और कृषि क्षेत्रों के आसपास मिलते हैं। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और दक्षिण भारत के वनों में इनकी उपस्थिति अधिक देखी जाती है। ये जानवर अनुकूलनशील होते हैं और किसी भी जलवायु में आसानी से रह सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में ये फसलों को नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए किसानों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। जंगली सूअर पर्वतीय और तराई क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं।

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लेखक परिचय

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