चैन्नई । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति को बेहद दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है। अभिनेता से नेता बने (Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा अभी भी दूर है। ऐसे में सरकार गठन को लेकर जोड़-तोड़ और राजनीतिक बातचीत तेज हो गई है।
कांग्रेस के समर्थन के बावजूद अधूरा बहुमत
कांग्रेस ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का संकेत दिया है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
राहुल गांधी की शर्त ने बदल दिया था समीकरण
इसी बीच विजय और कांग्रेस के पुराने रिश्तों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2009 में विजय कांग्रेस में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गए थे। उस समय वे अपने पिता एस.ए. चंद्रशेखर के साथ दिल्ली पहुंचे थे और कांग्रेस की सदस्यता लेना चाहते थे। लेकिन बताया जाता है कि (Rahul Gandhi) ने विजय के सामने एक खास शर्त रखी थी। राहुल गांधी उस समय यूथ कांग्रेस को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूत करने में जुटे थे और उन्होंने विजय से कहा था कि उन्हें सीधे सदस्य बनने के बजाय पहले यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़कर खुद को साबित करना होगा। बताया जाता है कि एक सुपरस्टार होने के कारण विजय को यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया और उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला टाल दिया।
DMK की भूमिका को लेकर भी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उस समय कांग्रेस की सहयोगी पार्टी DMK नहीं चाहती थी कि विजय कांग्रेस का हिस्सा बनें। माना जाता है कि विजय की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने की आशंका थी। अब वर्षों बाद विजय की कांग्रेस नेताओं के साथ पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। कांग्रेस समर्थकों का दावा है कि विजय और पार्टी के बीच संबंध काफी पुराने रहे हैं।
अन्य पढ़े: क्षेत्रीय संगीत का बढ़ता दबदबा
विजय के पिता ने कांग्रेस को दिया संदेश
वर्तमान राजनीतिक हालात के बीच विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को साफ संदेश दिया है कि यदि पार्टी विजय का साथ देती है, तो तमिलनाडु में कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन दोबारा हासिल कर सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय छोटे दलों को साथ लेकर 118 का आंकड़ा पार कर पाएंगे या फिर तमिलनाडु में राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू होगा।
Read More :