डॉलर की बढ़ती मांग ने घटाए दाम
नई दिल्ली: इस हफ्ते सराफा बाजार में बड़ी हलचल देखी गई, जहाँ सोने(Gold-Silver) की कीमतें ₹1.58 लाख से गिरकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गईं। चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹28,000 टूटकर ₹2.32 लाख प्रति किलो पर पहुँच गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर(International Baccalaureate) पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में कमी आई है।
कीमतों में अंतर और क्षेत्रीय प्रभाव
भारत के विभिन्न शहरों में सोने के दाम एक समान नहीं रहते। इसके मुख्य कारणों में ट्रांसपोर्टेशन(Transportation) और सुरक्षा खर्च शामिल हैं, जो आयात केंद्रों से दूरी के आधार पर बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, दक्षिण भारत जैसे उच्च खपत वाले क्षेत्रों में थोक खरीदारी के कारण कीमतें(Gold-Silver) कम हो सकती हैं। स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन और ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक भी शहर-दर-शहर कीमतों में अंतर पैदा करता है।
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खरीदारी और शुद्धता की पहचान के तरीके
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क की जांच करनी चाहिए और विश्वसनीय स्रोतों से भाव क्रॉस-चेक करना चाहिए। चांदी की शुद्धता जांचने के लिए ‘मैग्नेट टेस्ट’ और ‘आइस टेस्ट’ जैसे घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि चांदी अपने ऑल-टाइम हाई(Gold-Silver) (₹3.86 लाख) से अब तक करीब ₹1.53 लाख सस्ती हो चुकी है, जो लंबे समय बाद निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव है।
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट का मुख्य अंतरराष्ट्रीय कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशक अपनी ‘गोल्ड होल्डिंग्स’ बेचकर कैश (डॉलर) इकट्ठा कर रहे हैं, जिससे डॉलर की डिमांड बढ़ी है और सोने-चांदी के दाम गिरे हैं।
असली चांदी की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है?
असली चांदी की पहचान के लिए आप चुंबक का इस्तेमाल कर सकते हैं (असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती) या बर्फ का टुकड़ा उस पर रख सकते हैं, जो असली चांदी पर बहुत तेजी से पिघलता है।
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