Zomato: जोमैटो से खाना मंगवाना हुआ महंगा

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प्लेटफॉर्म फीस में 19% का इजाफा, अब हर ऑर्डर पर देने होंगे ₹14.90

नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड डिलीवरी दिग्गज जोमैटो (Zomato) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए प्लेटफॉर्म फीस में 19% की वृद्धि की है। आज, 20 मार्च से प्रभावी इस बदलाव के बाद, यूजर्स को अब हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय ₹14.90 देने होंगे। यह प्लेटफॉर्म फीस जीएसटी (GST), रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अतिरिक्त होती है। गौरतलब है कि जोमैटो ने पिछले 7 महीनों में दूसरी बार यह फीस बढ़ाई है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2023 में मात्र ₹2 से हुई थी

बढ़ोतरी की वजह: कच्चा तेल और ऑपरेशनल कॉस्ट

प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। तेल महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च बढ़ता है और कंपनी के लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा, कंपनी अपनी ‘प्रॉफिटेबिलिटी’ (Zomato) को बनाए रखने और सुधारने के लिए भी समय-समय पर इन शुल्कों में बदलाव करती रहती है। जोमैटो वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लाख ऑर्डर्स डिलीवर करता है, ऐसे में ₹2.40 की यह मामूली दिखने वाली बढ़ोतरी कंपनी के कुल राजस्व में बड़ा योगदान देगी।

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प्रतिद्वंद्वी स्विगी के बराबर पहुंचे दाम

इस बढ़ोतरी के साथ ही जोमैटो की प्लेटफॉर्म फीस अब उसकी मुख्य प्रतिस्पर्धी कंपनी स्विगी (Swiggy) के लगभग बराबर पहुंच गई है। स्विगी वर्तमान (Zomato) में टैक्स समेत करीब ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फूड-टेक सेक्टर में यह एक सामान्य चलन बन गया है; जब भी एक कंपनी फीस बढ़ाती है, दूसरी भी जल्द ही अपने दाम बढ़ा देती है। जोमैटो, जो देश का पहला ‘फूड-टेक यूनिकॉर्न’ है, ने साल 2024 की पहली तिमाही में पहली बार ₹2 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

प्लेटफॉर्म फीस क्या होती है और यह डिलीवरी पार्टनर की फीस से कैसे अलग है?

प्लेटफॉर्म फीस वह शुल्क है जो जोमैटो अपने ऐप या वेबसाइट के इस्तेमाल के बदले ग्राहकों से लेता है। यह कंपनी की कमाई का हिस्सा होता है। वहीं, ‘डिववरी फीस’ वह राशि है जो सीधे दूरी और मौसम के आधार पर डिलीवरी पार्टनर को उनके काम के बदले दी जाती है।

जोमैटो की शुरुआत कब और किस नाम से हुई थी?

जोमैटो की शुरुआत साल 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने ‘फूडीबे’ (FoodieBay) नाम से एक रेस्टोरेंट डायरेक्टरी के रूप में की थी। साल 2010 में इसका नाम बदलकर ‘जोमैटो’ कर दिया गया और धीरे-धीरे यह दुनिया के कई देशों में फैल गया।

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Dhanarekha

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