नागरिकता या जन्म तिथि का नहीं: UIDAI का स्पष्टीकरण
नई दिल्ली: यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 12 अंकों वाला आधार नंबर केवल पहचान(Identity) का प्रमाण है। यह भारतीय नागरिकता, निवास प्रमाण(Identity) या जन्म तिथि का कोई अंतिम या निर्णायक सबूत नहीं है। UIDAI ने यह क्लेरिफिकेशन उन अफवाहों को खत्म करने के लिए दिया है जिनके तहत लोग आधार को नागरिकता या जन्मतिथि का पक्का सबूत मान रहे थे। डाक विभाग (Postal Department) ने भी एक आदेश जारी कर यह जानकारी सभी संबंधित लोगों तक पहुंचाने और सार्वजनिक नोटिस बोर्ड पर लगाने का निर्देश दिया है।
सरकारी और वित्तीय सेवाओं में आधार की भूमिका
आधार कार्ड कई महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय सेवाओं के लिए एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कई लाभ और लेन-देन संभव नहीं हैं। आधार की आवश्यकता वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना और पैन कार्ड (PAN) से जोड़ना (Linking)।
बैंक अकाउंट खोलना और नया मोबाइल सिम कार्ड खरीदना।
म्यूचुअल फंड्स जैसी निवेश योजनाओं में अपने ग्राहक को जानिए (KYC) के लिए।
विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना, जैसे LPG के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBTL), एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) और स्कॉलरशिप।
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आधार अपडेट शुल्क में वृद्धि और बच्चों के लिए नियम
1 अक्टूबर से आधार में विवरण (Details) को अपडेट करने का शुल्क बढ़ा दिया गया है, जो करीब 5 साल में पहली बढ़ोतरी है। यह वृद्धि सेवाओं की लागत को समायोजित करने के लिए की गई है:
नाम, पता या जन्म तिथि जैसे डेमोग्राफिक बदलावों के लिए: शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹75 कर दिया गया है।
बायोमेट्रिक अपडेट के लिए: शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹125 कर दिया गया है।
हालांकि, नवजात शिशुओं के लिए आधार एनरोलमेंट और अपडेट पूरी तरह फ्री रहेंगे। बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट(Identity) 5 साल की उम्र में, 5-7 साल के बीच और 15-17 साल में अनिवार्य रूप से कराना आवश्यक है।
UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं माना जा सकता?
आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण इसलिए नहीं माना जाता क्योंकि आधार भारत में रहने वाले किसी भी निवासी को जारी किया जाता है, चाहे वह नागरिक हो या नहीं। यह केवल पहचान स्थापित करता है, जबकि नागरिकता पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र(Identity) जैसे विशिष्ट दस्तावेजों से साबित होती है।
आधार कार्ड का इस्तेमाल किन दो अन्य चीज़ों के पक्के प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता, जिनके बारे में UIDAI ने क्लेरिफिकेशन दिया है?
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल जन्म तिथि और निवास प्रमाण के पक्के प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता है।
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