Latest News : सेंसेक्स 84,467 पर बंद, निफ्टी ने भी दिखाई मजबूती

Read Time:  1 min
सेंसेक्स
सेंसेक्स
FONT SIZE
GET APP

भारतीय शेयर बाजार आज लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। बुधवार को बीएसई (sensex) सेंसेक्स 595.19 अंकों (0.71%) की बढ़त के साथ 84,467 अंकों पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 180.85 अंकों (0.70 प्रतिशत) की तेजी के साथ 25,875.80 अंकों पर बंद हुआ। आज खासतौर पर आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। टाटा मोटर्स के डिमर्जर के बाद उसकी दूसरी कंपनी- टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के शेयर भी आज बाजार में लिस्ट हो गए। बताते चलें कि पिछले हफ्ते बाजार में लगातार तीन दिन गिरावट दर्ज की गई थी

मार्केट में तेजी के 3 कारण

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प (President Trump) ने 11 नवंबर को कहा कि अमेरिका और भारत ट्रेड डील के काफी करीब हैं। इससे आर्थिक और सुरक्षा संबंध मजबूत होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
  • शटडाउन खत्म होने की संभावना: अमेरिकी सीनेट ने संघीय फंडिंग बहाल करने वाला बिल पास कर दिया, जिससे अमेरिका के इतिहास के सबसे लंबे शटडाउन का अंत होने की राह खुलेगी। इससे देरी से आने वाले आर्थिक डेटा (जैसे नॉन-फार्म पेरोल) पर स्पष्टता मिलेगी और फेडरल रिजर्व की नीति पर दिशा मिलेगी।

अन्य पढ़ें: रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ सकती है खुदरा महंगाई

  • ब्याज दर में कटौती की उम्मीद: दिसंबर में फेड द्वारा एक और दर कटौती की संभावना है। फेड गवर्नर स्टीफन मिरान ने कहा कि 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती हो सकती है। क्योंकि महंगाई कम हो रही है और बेरोजगारी धीरे-धीरे बढ़ रही है।

मार्केट में मिला-जुला कारोबार

  • एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 0.43% चढ़कर 51,063 पर और कोरिया का कोस्पी 1.07% बढ़कर 4,150 पर बंद हुए।
  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.85% चढ़कर 26,923 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट फ्लैट गिरकर 4,000 पर बंद हुए।
  • 11 नवंबर को अमेरिका का डाउ जोन्स 1.18% बढ़कर 47,927 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक कंपोजिट 0.25% गिरा। S&P 500 में 0.21% बढ़कर बंद हुए।

सेक्स करने से क्या होता है?

सेंसेक्स को निवेशक भावना और आर्थिक रुझानों का बैरोमीटर माना जाता है। जब सेंसेक्स बढ़ता है तो यह दर्शाता है कि अंतर्निहित 30 शेयरों की कीमतें बढ़ गई हैं, जो बाजार में आशावाद को दर्शाता है। इसके विपरीत, सेंसेक्स में गिरावट से पता चलता है कि इन शेयरों की कीमतें गिर गई हैं, जो सावधानी या निराशावाद का संकेत है।

अन्य पढ़ें:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।