सेंसेक्स 84,700 के पार, IT और बैंकिंग सेक्टर ने संभाली कमान
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार(Share Market) में आज यानी 18 दिसंबर को सकारात्मक रुख(Positive Attitude) देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 84,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी(Nifty) भी लगभग 50 अंकों की बढ़त बनाकर 25,850 के करीब पहुंच गया है। बाजार की इस तेजी को मुख्य रूप से IT और बैंकिंग शेयरों से समर्थन मिल रहा है, जबकि ऑटो और एनर्जी सेक्टर में आज हल्की बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनाम घरेलू निवेशकों का भरोसा
बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। 17 दिसंबर को भी उन्होंने ₹2,060 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि दिसंबर महीने में अब तक वे ₹22,284 करोड़ की निकासी कर चुके हैं। इसके विपरीत, भारतीय घरेलू संस्थान (DIIs) बाजार को मजबूती दे रहे हैं। घरेलू निवेशकों ने दिसंबर में अब तक ₹43,609 करोड़ की भारी खरीदारी की है, जिससे वैश्विक गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार स्थिर बने हुए हैं।
अन्य पढ़े: सेंसेक्स 120 अंक गिरकर 84,560 पर बंद
वैश्विक संकेतों का असर और IPO मार्केट की हलचल
ग्लोबल मार्केट से संकेत कुछ खास अच्छे नहीं हैं; जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजारों(Share Market) में भी कल मिला-जुला असर रहा था। इस बीच प्राइमरी मार्केट (IPO) में काफी एक्शन है। KSH इंटरनेशनल के ₹710 करोड़ के IPO में निवेश करने का आज आखिरी दिन है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल विस्तार के लिए करेगी, जिसमें ₹420 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं।
विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार क्यों नहीं गिर रहे हैं?
भारतीय बाजार को फिलहाल घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और खुदरा निवेशकों का मजबूत सहारा मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जितनी रकम विदेशी निवेशक निकाल रहे हैं, उससे लगभग दोगुनी रकम घरेलू निवेशक बाजार(Share Market) में डाल रहे हैं। यही कारण है कि सेंसेक्स और निफ्टी बड़ी गिरावट से बच रहे हैं।
KSH इंटरनेशनल के IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आज निवेश का आखिरी दिन है। कंपनी ₹710 करोड़ जुटा रही है, जिसमें से ₹290 करोड़ का ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसमें प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं।
अन्य पढ़े: