‘Indian Naval Ship विक्रांत, राजपूत और PNS गाजी का जाल’: कैसे भारत ने पाकिस्तान की उस समय की सबसे उन्नत पनडुब्बी को डुबो दिया
1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध न केवल ज़मीनी और हवाई मोर्चे पर लड़ा गया, बल्कि समुद्री युद्ध में भी एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। इस कहानी का केंद्र था – भारत का Indian Naval Ship विक्रांत और पाकिस्तान की परम उन्नत पनडुब्बी PNS गाजी।

PNS गाजी: पाकिस्तान की गर्व की पनडुब्बी
- PNS गाजी, अमेरिका द्वारा बनाई गई एक Tench-Class डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी थी।
- यह 1964 में पाकिस्तान को मिली और उस समय यह दक्षिण एशिया की सबसे शक्तिशाली पनडुब्बियों में मानी जाती थी।
- 1971 युद्ध के समय पाकिस्तान का उद्देश्य था – भारत के INS विक्रांत एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबोना, जो बंगाल की खाड़ी में ऑपरेट कर रहा था।
Indian Naval Ship विक्रांत: भारत की समुद्री शान
- INS विक्रांत भारत का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर था।
- 1971 में यह पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में नौसैनिक दबाव बनाने में मुख्य भूमिका निभा रहा था।
- पाकिस्तान जानता था कि अगर विक्रांत को नष्ट कर दिया जाए, तो भारत की पूर्वी मोर्चे पर सामरिक शक्ति कमज़ोर होगी।
मिशन गाजी: पाकिस्तान की योजना
- 14 नवंबर 1971 को, PNS गाजी को गुप्त रूप से विशाखापत्तनम भेजा गया।
- उसका मकसद था INS विक्रांत को ट्रैक करना और जैसे ही वह बंदरगाह से बाहर निकले, उसे टारपीडो से उड़ाना।
- लेकिन भारतीय नौसेना को इसकी भनक लग गई।
भारतीय नौसेना की रणनीति
- INS विक्रांत को गुप्त रूप से अंडमान द्वीप भेज दिया गया ताकि वह गाजी की पकड़ से बाहर रहे।
- वहीं, INS राजपूत (एक विध्वंसक जहाज) को गाजी को भ्रम में रखने और उसे बाहर निकालने का मिशन सौंपा गया।
गाजी का अंत: कैसे भारत ने उसे मात दी?
- 3 दिसंबर 1971 की रात, INS राजपूत ने विशाखापत्तनम तट के पास सोनार के ज़रिए संदिग्ध हलचल दर्ज की।
- भारतीय जहाज ने समुद्र में गहराई बम (Depth Charges) गिराए।
- कुछ ही देर में एक भयंकर विस्फोट हुआ। अगली सुबह भारतीय मछुआरों ने देखा कि तेल और मलबा समुद्र की सतह पर आ चुका है।
पुष्टि
- बाद में जांच से पता चला कि यह PNS गाजी थी, जो या तो भारतीय बमबारी से या फिर अपने ही टारपीडो में विस्फोट से समुद्र में समा गई।
- यह पाकिस्तानी नौसेना के लिए बड़ा झटका था और भारत के लिए एक रणनीतिक जीत।

ऐतिहासिक महत्व
- यह पहली बार था जब भारत ने एक दुश्मन की पनडुब्बी को समुद्र में डुबोने में सफलता पाई।
- इससे भारतीय नौसेना का आत्मविश्वास बढ़ा और पूर्वी पाकिस्तान में नौसैनिक नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिली।
- PNS गाजी की तबाही ने पाकिस्तान के “विक्रांत को खत्म करने” के मिशन को विफल कर दिया।
INS विक्रांत और Indian Naval Ship राजपूत के संयुक्त प्रयास से भारतीय नौसेना ने युद्ध से पहले ही एक बड़ी जीत दर्ज कर ली।
PNS गाजी की गोपनीयता, तकनीक और ताकत सब कुछ भारत की रणनीति के आगे बेअसर साबित हुआ।