हैदराबाद। संगारेड्डी जिले के मनूर पुलिस स्टेशन (Manur Police Station) में एक होम गार्ड द्वारा संचालित पुलिस वाहन की चपेट में आने से एक पुलिस अधिकारी की दुखद मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया। मृतक अधिकारी गोविंदा नायक, जो थाने में सहायक सब-इंस्पेक्टर थे, उस घटना में शामिल थे जब होम गार्ड रामा राव द्वारा चलाई जा रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। नायक गंभीर रूप से घायल हो गए और नारायणखेड़ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अधिकारी के परिवार ने आरोप लगाया कि होम गार्ड ने जानबूझकर गोविंदा नायक (Govinda Nayak) को गाड़ी से कुचल दिया और इसे हत्या करार दिया, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। घटना के बाद रामा राव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर लिया है।
भारत का पहला महिला पुलिस स्टेशन कहां स्थित है?
देश का पहला महिला पुलिस स्टेशन कालीकट महिला पुलिस स्टेशन केरल के कालीकट (कोझिकोड) शहर में स्थापित किया गया था। इसकी शुरुआत 1973 में हुई थी। इस थाने का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और सुरक्षित वातावरण में संभालना था, ताकि महिलाएं बिना झिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें उचित सहायता मिल सके।
पहला पुलिस स्टेशन कौन सा था?
भारत में आधुनिक पुलिस व्यवस्था की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई। 1861 के पुलिस अधिनियम के बाद देशभर में पुलिस स्टेशनों की स्थापना शुरू हुई। किसी एक “पहले” पुलिस स्टेशन का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उस समय प्रमुख शहरों जैसे कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सबसे पहले पुलिस थाने स्थापित किए गए थे, जहां से आधुनिक पुलिस प्रणाली विकसित हुई।
तेलंगाना का सबसे अच्छा पुलिस स्टेशन कौन सा है?
तेलंगाना में “सबसे अच्छा” पुलिस स्टेशन कोई एक निश्चित नहीं होता, क्योंकि यह रैंकिंग समय-समय पर बदलती रहती है। राज्य के कई थाने अपनी बेहतर सेवा, तकनीकी सुविधाओं और नागरिक सहायता के लिए सराहे जाते हैं। खासतौर पर हैदराबाद के कई पुलिस स्टेशन आधुनिक सुविधाओं और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। राज्य सरकार और पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर सर्वश्रेष्ठ थानों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
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