Sanitary pad : बिना आईएसआई मार्क वाले सैनिटरी पैड सप्लाई करने वाले केंद्र पर छापा

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कुशाईगुडा में एक कारखाने पर छापेमारी

हैदराबाद। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हैदराबाद ने कुशाईगुडा में एक कारखाने पर छापेमारी की, जो बिना आईएसआई मार्क के सैनिटरी पैड की आपूर्ति कर रहा था और 30,000 पैड और 7,000 से अधिक लेबल कवर जब्त किए, जिन पर आईएसआई मार्क नहीं था। बीआईएस हैदराबाद के निदेशक पीवी श्रीकांत ने कहा कि छापेमारी इस सूचना के आधार पर की गई कि इस केंद्र पर बिना किसी प्रमाणीकरण के बड़ी मात्रा में सैनिटरी पैड का भंडारण किया जा रहा है।

मानकों के साथ BIS प्रमाणन अनिवार्य

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के अनुसार, सभी सैनिटरी पैड के लिए IS 5405:2019 मानकों के साथ BIS प्रमाणन अनिवार्य है। BIS प्रमाणन प्राप्त किए बिना उन्हें बेचने, निर्माण करने या संग्रहीत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीआईएस अधिनियम 2016 की धारा 17 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आईएसआई मार्क, पंजीकरण चिह्न के बिना या बीआईएस की अनुमति प्राप्त किए बिना किसी ऐसे उत्पाद का निर्माण, बिक्री या भंडारण करता है, जिसके लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य है, तो उसे दो साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

दूसरी बार अपराध करने पर 5 साल तक की जेल, 5 लाख का जुर्माना भी

पहली बार अपराध करने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना और दूसरी बार अपराध करने पर 5 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कई बार अपराध करने पर यह राशि 10 गुना तक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार ने कई गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत 679 उत्पादों को प्रमाणन के लिए अनिवार्य बनाया गया है।

बीआईएस केयर मोबाइल ऐप का करें इस्तेमाल

श्रीकांत ने आम जनता/उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे भारतीय मानकों के बारे में जागरूक रहें और यदि उन्हें कोई उल्लंघन नज़र आए तो शिकायत दर्ज करने के लिए बीआईएस केयर मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। निरीक्षण में बीआईएस के संयुक्त निदेशक सविता और राकेश तन्नेरू ने भी हिस्सा लिया।

digital@vaartha.com

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