USA- 8 मोर्चों पर कार्रवाई, फिर भी ‘शांतिदूत’ का दावा, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से छिड़ी बहस

Read Time:  1 min
Trump iran warning
Trump iran warning
FONT SIZE
GET APP

वॉशिंगटन । ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका (America) द्वारा शुरू किए गए बड़े सैन्य ऑपरेशन ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप आठ युद्धों को रुकवाने और भारत-पाकिस्तान (India- Pakistan) जैसे देशों के बीच संघर्ष विराम का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे एक साथ कई मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों के आदेश भी दे रहे हैं। ईरान के साथ मौजूदा तनाव के बीच ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक कड़ा समझौता चाहते हैं। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह नई रणनीति पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाने और संभावित शत्रुओं के मन में भय पैदा करने की एक सुविचारित योजना का हिस्सा है।

आक्रामक विदेश नीति का नया दौर

राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अब एक ऐसी आक्रामक विदेश नीति पर चल रहा है, जिसने न केवल मध्य पूर्व बल्कि लैटिन अमेरिका और अफ्रीका (America and Africa) तक के समीकरण बदल दिए हैं। शनिवार को ईरान पर हुए भीषण हमलों के बाद ट्रंप ने ईरानी जनता से सीधा संवाद करते हुए आह्वान किया कि वे अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लें और 1979 से चले आ रहे इस्लामी शासन के खिलाफ विद्रोह करें। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी युद्धपोत पहले ही क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और ईरान के भीतर भी सरकार के खिलाफ असंतोष चरम पर था।

वेनेजुएला से कैरिबियन तक सैन्य दबदबा

ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई केवल ईरान तक सीमित नहीं है। इससे पहले अमेरिका ने वेनेजुएला में प्रवेश कर तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने का दावा किया था। इस ऑपरेशन की प्रशंसा करते हुए ट्रंप ने कहा कि दुनिया ने अमेरिका की पूर्ण सैन्य शक्ति देख ली है और अब दुश्मनों को हमसे डरना चाहिए। इसके अतिरिक्त, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के नाम पर अमेरिकी सेना ने संदिग्ध जहाजों पर कई हमले किए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

अन्य पढ़े: अभिषेक की समझदारी भरी पारी पर सुनील गावस्कर ने जताई खुशी

आतंकवाद के खिलाफ अभियान तेज

आतंकवाद के खिलाफ अभियान में भी अमेरिका ने अपनी पकड़ मजबूत की है। मार्च 2025 में इराक के अल-अनबार प्रांत में एक सटीक हवाई हमले के दौरान आईएसआईएल के नंबर-2 कमांडर अब्दुल्ला अबू खदीजा को मार गिराया गया। वहीं दिसंबर 2025 में सीरिया के पालिमारा में दो अमेरिकी सैनिकों की शहादत का बदला लेते हुए ट्रंप ने आतंकी ठिकानों पर भारी बमबारी के आदेश दिए थे।

अफ्रीका में भी बढ़ी सैन्य सक्रियता

अफ्रीकी महाद्वीप में सोमालिया और नाइजीरिया भी अमेरिकी सैन्य रणनीति के केंद्र में हैं। सोमालिया में अल-शबाब और आईएसआईएल की क्षेत्रीय शाखाओं को कुचलने के लिए हवाई हमलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। वहीं नाइजीरिया में 100 से अधिक अमेरिकी सैन्य कर्मियों को स्थानीय सेना के प्रशिक्षण के लिए तैनात किया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नाइजीरियाई सरकार कथित नरसंहार की घटनाओं को रोकने में विफल रही, तो अमेरिका वहां सीधे हवाई हमले करने से पीछे नहीं हटेगा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।