Gulf countries silence : ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मृत्यु के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। खाड़ी देशों की ओर मिसाइल हमलों की खबरों के बावजूद सऊदी अरब और यूएई जैसे देश सीधे जवाबी कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे मजबूत आर्थिक कारण हैं। खाड़ी देश अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर पर्यटन और निवेश केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। ऐसे में युद्ध की स्थिति बनने पर उनकी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
अन्य पढ़े: भारत-कनाडा परमाणु समझौता
राजनीतिक रूप से भी ये देश सतर्क रुख (Gulf countries silence) अपना रहे हैं। ईरान वर्तमान में अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ खड़ा है, इसलिए सीधे संघर्ष में उतरना आंतरिक और क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि खाड़ी देश इस संघर्ष को ईरान-अमेरिका-इज़रायल तक सीमित रखना चाहते हैं और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध से बचना चाहते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :