ढाका। ढाका में बुधवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया (Begum Khalida Jiya) को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर भारत की तरफ से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर शामिल हुए। बेगम जिया की अंतिम विदाई से ठीक पहले, डॉ. जयशंकर ने पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक से ढाका में मुलाकात की। यह ऑपरेशन सिंदूर (Operation sindoor) के बाद भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं की पहली सार्वजनिक आमने-सामने की मुलाकात मानी जा रही है।
कूटनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण घटना
इस मुलाकात को दोनों देशों के लिए कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने इस मुलाकात की जानकारी एक्स पोस्ट के जरिए साझा की।
जयशंकर ने तारिक रहमान से सौंपा मोदी का शोक पत्र
डॉ. जयशंकर ने ढाका पहुंचने पर बीएनपी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष और बेगम जिया के पुत्र तारिक रहमान से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी शोक पत्र उन्हें सौंपा। उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि बेगम जिया की दूरदृष्टि और मूल्य भारत-बांग्लादेश साझेदारी को मार्गदर्शन देंगे।
हाथ मिलाकर अभिवादन, सोशल मीडिया पर चर्चा
सरदार अयाज सादिक ने मुलाकात के दौरान डॉ. जयशंकर का हाथ मिलाकर अभिवादन किया। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और इसके जरिए काफी चर्चा भी हुई।
पूर्व घटनाओं की तुलना में विशेष महत्व
ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेता इस अंदाज में आमने-सामने मिले। इससे पहले चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से दूरी बनाए रखी थी।
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खेल और आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति
इतिहास में भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप मैचों के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाई थी और एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी साफ इंकार किया था। यह दर्शाता है कि भारत की आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति लगातार सख्ती से बरकरार है।
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