ट्रंप के द्वारा ‘एफ-शब्द’ के इस्तेमाल से हुई थीं ऑनलाइन चर्चाएं शुरू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान (Iran–Israel) की तुलना स्कूल के दो बच्चों से करते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए कड़ी भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है। लाइव टीवी पर ट्रंप के द्वारा ‘एफ-शब्द’ के इस्तेमाल से ऑनलाइन चर्चाएं शुरू हो गई थीं। नाटो शिखर सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप (Trump) ने कहा कि युद्धरत देशों के बीच युद्ध विराम पर सहमति बनने के बाद इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई निश्चित रूप से रुक गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे इसे झेल चुके हैं। वे एक बड़ी लड़ाई लड़ चुके हैं, जैसे स्कूल के मैदान में दो बच्चे। आप जानते हैं, वे बहुत लड़ते हैं। आप उन्हें रोक नहीं सकते। उन्हें दो, तीन मिनट तक लड़ने दें। फिर उन्हें रोकना आसान हो जाता है। नाटो महासचिव मार्क रूटे ने हंसते हुए कहा कि और फिर डैडी को कभी-कभी कठोर भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है।
‘कभी-कभी सख्त भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है’
ट्रंप ने कहा कि आपको हर बार कठोर भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है, आपको एक निश्चित शब्द का इस्तेमाल करना पड़ता है। यह ट्रम्प द्वारा लाइव टीवी पर एफ-शब्द के इस्तेमाल के संदर्भ में था। उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बावजूद मिसाइलों के आदान-प्रदान पर निराशा व्यक्त की थी। ट्रम्प ने संवाददाताओं से कहा था कि इजराइल और ईरान इतने लंबे समय से और इतनी कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं कि उन्हें पता ही नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं। नीदरलैंड में नाटो शिखर सम्मेलन में मध्य पूर्व संघर्ष छाया रहा, जहाँ ट्रम्प ने सदस्यों से अपने सैन्य खर्च का हिस्सा बढ़ाकर 5% करने का आग्रह किया।
‘दशकों’ पीछे चला गया है परमाणु कार्यक्रम
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अमेरिका के बमबारी अभियान के कारण उनका परमाणु कार्यक्रम ‘दशकों’ पीछे चला गया है, हालांकि एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में इस दावे पर संदेह जताया गया है। ट्रंप ने कहा, ‘इजरायल और इजरायल अब एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे क्योंकि वे लड़ चुके हैं। दोनों ठीक वैसे ही लड़ते हैं जैसे दो बच्चे स्कूल में लड़ते हैं। उन्हें ऐसे शांत नहीं किया जा सकता… उन्हें दो-तीन मिनट लड़ने दीजिए फिर उन्हें रोकना आसान होता है।’ ट्रंप के ऐसा बोलते ही नाटो के महासचिव मार्क रुटे हंस पड़े और कहा, ‘लड़ाई के बाद पिता को डांटना पड़ता है।’
सीजफायर के उल्लंघन को लेकर ट्रंप ने जताई थी नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (24 जून 2025) को इजरायल और ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीजफायर के उल्लंघन को लेकर नाराजगी जताई थी। ट्रंप ने कहा था, ‘इन लोगों को शांत होना होगा, यह हास्यास्पद है. मैंने जो कुछ देखा, वह मुझे बिलकुल पसंद नहीं आया, न तो इजरायल का हमला और न ही ईरान की जवाबी कार्रवाई।’
मैं ईरान से भी खुश नहीं हूं…
ट्रंप ने कहा, मैंने देखा कि जैसे ही हमने समझौता किया, इजरायल ने सबसे बड़ा हमला कर दिया। जैसा पहले कभी नहीं देखा। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। मैं ईरान से भी खुश नहीं हूं। उन्हें 12 घंटे दिए थे, एक घंटे में ही सब खत्म कर दिया। ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने 12 घंटे का युद्धविराम घोषित किया, तो इजरायल को उसका पालन करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘आपको (इजरायल) 12 घंटे मिले थे, लेकिन आपने पहले ही घंटे में सब कुछ खत्म कर दिया, ये कोई तरीका नहीं है। ये दो देश इतने लंबे समय से लड़ रहे हैं कि अब इन्हें खुद समझ नहीं आ रहा कि वे क्या कर रहे हैं।’
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