Latest Hindi News : नेपाल की पहली महिला अटॉर्नी जनरल बनीं सविता भंडारी

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सविता भंडारी
सविता भंडारी
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काठमांडू। नेपाल में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने वरिष्ठ अधिवक्ता सविता भंडारी (Savita Bhandari) को नया अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया। सविता भंडारी इस संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली देश की पहली महिला बनीं। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, यह नियुक्ति प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर हुई है।

पूर्व अटॉर्नी जनरल रमेश बादल का इस्तीफ़ा मंज़ूर

इससे पहले रविवार को ही राष्ट्रपति भवन ने पूर्व अटॉर्नी जनरल रमेश बादल (Ramesh Badal) का इस्तीफा मंज़ूर किए जाने की सूचना सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सविता भंडारी सूचना आयोग में आयुक्त रह चुकी हैं और प्रख्यात विधि विद्वान कृष्ण प्रसाद भंडारी की पुत्री हैं। प्रधानमंत्री कार्की ने सुबह ही उनके नाम का प्रस्ताव दिया था, जिसके स्वीकार होने के बाद प्रक्रिया पूरी हुई।

हिंसक प्रदर्शनों के बाद फिर पटरी पर लौटी सरकारी सेवाएं

इधर, हाल ही में जेन जेड आंदोलन के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़की हिंसक प्रदर्शनों में राख में तब्दील हो चुकी नेपाल की अहम संस्थाओं ने सेवाएं फिर शुरू कर दीं। अंतरिम प्रधानमंत्री (Prime Minister) नियुक्त होने के दो दिन बाद सुशीला कार्की ने सिंह दरबार स्थित दफ्तर से औपचारिक रूप से कामकाज संभाला।

शहीद घोषित होंगे आंदोलन में मारे गए युवा

इस मौके पर उन्होंने आंदोलन में मारे गए युवाओं के परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये देने और उन्हें शहीद घोषित करने का ऐलान किया। प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय और कई मंत्रालयों में आग लगा दी गई थी। कार्की ने सिंह दरबार परिसर में बचे हुए एक भवन से कामकाज शुरू किया।

आगजनी और हिंसा की होगी जांच

उन्होंने कहा कि यह आगजनी और तोड़फोड़ साज़िश के तहत की गई हो सकती है और हर पहलू की जांच होगी। उन्होंने साफ कहा, किसी को नहीं बख्शा जाएगा, सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों में भड़की हिंसा

गौरतलब है कि 8 सितंबर को शुरू हुए जेन-ज़ी विरोध प्रदर्शनों ने तब हिंसक रूप ले लिया था जब पुलिस की गोलीबारी में 20 युवाओं की मौत हो गई। इसके बाद भीड़ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सहित कई नेताओं के घरों में आग लगा दी और संसद भवन से लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के प्रमुख कार्यालयों को निशाना बनाया।

सिंहदरबार परिसर में कई मंत्रालय राख

9 सितंबर को सिंहदरबार परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय और शिक्षा तथा स्वास्थ्य मंत्रालय सहित कई इमारतें राख हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा कई थानों, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, सड़क विभाग, सिटिजन इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के कार्यालय और बैंकों व शॉपिंग मॉल्स तक को नहीं छोड़ा गया।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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