सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Supreme court voter : पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले मतदाता सूची विशेष संशोधन (SIR) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए और जिनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित है, उन्हें अंतरिम मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
लाखों मतदाताओं पर असर
इस फैसले का असर लगभग 16 लाख से 34 लाख मतदाताओं पर पड़ सकता है। ये लोग आगामी चुनाव में वोट देने की उम्मीद कर रहे थे।
याचिकाकर्ता की दलील
तृणमूल कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने अदालत में दलील दी कि लाखों अपील लंबित हैं और ये सभी वास्तविक मतदाता हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव के लिए एक पूरक मतदाता सूची बनाई जाए ताकि उन्हें मतदान का अधिकार मिल सके।
कोर्ट की प्रतिक्रिया
हालांकि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इस मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करना संभव नहीं है और इससे ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
Read Also : बिहार के कटिहार में भीषण सड़क हादसा, बस–पिकअप की टक्कर में 13 की मौत, 32 जख्मी
वोट का अधिकार महत्वपूर्ण
अदालत ने कहा कि वोट देने का अधिकार केवल संवैधानिक (Supreme court voter ) अधिकार ही नहीं बल्कि नागरिकों के लिए भावनात्मक अधिकार भी है।
चुनाव पर असर
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को अंतिम दो चरणों का मतदान होना है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चुनावी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :