2जून, 2025 को यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा लंबी दूरी का ड्रोन हमला किया, जिसमें 40 से अधिक रूसी सैन्य विमानों को नष्ट करने का दावा किया गया। यह हमला रूस के चार प्रमुख हवाई अड्डों—बेलाया (इरकुत्स्क), ओलेन्या (मुर्मांस्क), डायगिलेवो (रियाज़ान), और इवानोवो (इवानोवो)—पर लक्षित था।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने इस ऑपरेशन को कोडनेम “स्पाइडर वेब” (पावुटीना) दिया, जिसकी योजना डेढ़ साल से अधिक समय से बन रही थी और इसे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने व्यक्तिगत रूप से किया।
हमले का विवरण
लक्ष्य: यूक्रेन ने रूस के सामरिक बमवर्षक विमानों जैसे Tu-95, Tu-22M3, और A-50 रडार डिटेक्शन विमानों को निशाना बनाया, जो यूक्रेन के शहरों पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले करने और हवाई रक्षा प्रणालियों का पता लगाने में उपयोग होते हैं।
लकड़ी के शेड में छिपाकर ड्रोन पंहुचाया रूस
SBU ने पहले व्यक्ति दृश्य (FPV) ड्रोनों को लकड़ी के शेड्स की छतों में छिपाकर रूस में तस्करी की। ये शेड्स ट्रकों पर लादे गए थे, जो हवाई अड्डों के परिधि तक पहुँचे। रिमोट से सक्रिय तंत्र ने शेड्स की छतें खोलीं, जिससे ड्रोन उड़ान भरकर हमला कर सके।
नुकसान:
यूक्रेन का दावा है कि इस हमले में 41 विमान नष्ट हुए, जिसमें $7 बिलियन (लगभग ₹17,000 करोड़) का नुकसान हुआ, जो रूस के हवाई मिसाइल वाहक बेड़े का 34% है। सैटेलाइट छवियों से पुष्टि हुई कि बेलाया हवाई अड्डे पर कम से कम तीन Tu-95 और एक Tu-22M3 विमान नष्ट हुए, और एक Tu-95 को संभावित नुकसान हुआ।
स्थान:
हमले में सबसे उल्लेखनीय लक्ष्य बेलाया हवाई अड्डा था, जो यूक्रेन की सीमा से 4,000 किलोमीटर से अधिक दूर साइबेरिया में स्थित है। यह पहली बार था जब यूक्रेन ने इतनी दूरी पर ड्रोन हमला किया।
रूस का जवाब
रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि पाँच क्षेत्रों—मुर्मांस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाज़ान, और अमूर—में हवाई अड्डों पर हमले हुए। मंत्रालय ने दावा किया कि इवानोवो, रियाज़ान, और अमूर में हमलों को नाकाम कर दिया गया, लेकिन मुर्मांस्क और इरकुत्स्क में कई विमान आग की चपेट में आए। रूस ने इसे “आतंकवादी हमला” करार दिया, लेकिन कोई हताहत होने की सूचना नहीं दी।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इस ऑपरेशन को “शानदार” बताया और कहा कि यह यूक्रेन की सैन्य इतिहास की किताबों में दर्ज होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमला रूसी शहरों पर हमले के लिए नहीं, बल्कि यूक्रेनी शहरों पर बमबारी करने वाले सैन्य लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए था।
SBU प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वासिल माल्युक ने इसे “बवोवना” (विस्फोटों के लिए यूक्रेनी शब्द) करार दिया और कहा कि यूक्रेन रूस को समुद्र, हवा, और ज़मीन पर जवाब देगा।
यूक्रेनी अधिकारी आंद्रेई कोवालेंको ने कहा कि कम से कम 13 रूसी विमान नष्ट हुए और अन्य को नुकसान पहुँचा।
संदर्भ और प्रभाव
समय: यह हमला इस्तांबुल में 2 जून, 2025 को होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले हुआ, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। यूक्रेन ने रूस पर वार्ता के लिए प्रस्ताव न भेजने का आरोप लगाया।
रूस का जवाबी हमला: उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर 472 ड्रोनों और मिसाइलों के साथ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें 12 यूक्रेनी सैनिक मारे गए और एक सैन्य कमांडर ने इस्तीफा दे दिया। यूक्रेन ने 266 ड्रोनों और 45 मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया।
नवाचार:
ऑस्ट्रेलियाई रिटायर्ड मेजर-जनरल गस मैक्लाक्लन ने यूक्रेन की नवाचार क्षमता की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि $4,000 की लागत वाले ड्रोनों ने अरबों डॉलर के विमानों को नष्ट किया।
भारत में चर्चा
भारत में इस खबर ने सोशल मीडिया, विशेषकर X पर, काफी चर्चा बटोरी। कई यूज़र्स ने यूक्रेन की रणनीति की तुलना भारत के ऑपरेशन सिंदूर से की, जिसमें भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। X पर यूज़र्स ने लिखा कि यूक्रेन ने “पुतिन का नाक कटवा दिया” और डेढ़ साल की योजना के बाद रूस के 40 से अधिक विमानों को नष्ट कर दिया।
यूक्रेन का यह ड्रोन हमला रूस के सैन्य बुनियादी ढांचे पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिसने रूस के सामरिक बमवर्षक बेड़े को भारी नुकसान पहुँचाया। यह ऑपरेशन यूक्रेन की तकनीकी और रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देता है कि इस्तांबुल वार्ता से पहले दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है।
यदि ये दावे पूरी तरह सत्यापित हो जाते हैं, तो यह युद्ध में यूक्रेन की अब तक की सबसे प्रभावशाली कार्रवाइयों में से एक होगी।