मुख्य बातें: –
- हाई कोर्ट ने न्यूनतम वेतन और MACP लाभ पर सरकार को दिए अहम निर्देश
- प्राथमिक शिक्षकों को MACP पर 16 सप्ताह में निर्णय का आदेश
- 80 शिक्षकों को ₹16,290 न्यूनतम वेतन देने का निर्देश
रांची। (Jharkhand High Court) ने राज्य के प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए एमएसीपी (MACP) योजना और न्यूनतम वेतनमान को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार को प्राथमिक शिक्षकों को MACP लाभ देने के मामले में 16 सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
84 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई
जस्टिस (Deepak Roshan) की अदालत ने जामताड़ा जिले के 84 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि राज्य के अन्य विद्यालयों और बिहार के शिक्षकों को पहले से MACP का लाभ मिल रहा है, जबकि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक इससे वंचित हैं।
सरकार को 16 सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि राज्य सरकार ने अगस्त 2024 में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ को MACP प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अदालत ने कहा कि जब अन्य शिक्षकों को यह लाभ दिया जा रहा है तो प्राथमिक शिक्षकों के मामले में भी जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
न्यूनतम वेतन ₹16,290 देने का आदेश
हाई कोर्ट ने पूर्वी सिंहभूम जिले के 80 प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश भी दिया। ये शिक्षक वर्ष 2006 से पहले सेवा में आए थे और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतनमान की मांग कर रहे थे।
शिक्षा विभाग का आदेश रद्द
शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि यह वेतनमान केवल सचिवालय सहायकों पर लागू होता है। अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए 10 जून 2024 के सरकारी आदेश को निरस्त कर दिया।
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पूर्व फैसले का हवाला
अदालत ने कहा कि यह मामला पूर्व में दिए गए निर्णय से पूरी तरह आच्छादित है और शिक्षकों को वही लाभ मिलना चाहिए जो पहले के मामलों में दिए गए थे। हालांकि सरकार ने इस फैसले के खिलाफ खंडपीठ में अपील दायर की है।
शिक्षकों को मिलेगा राहत का लाभ
अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील लंबित रहने के बावजूद शिक्षकों के न्यूनतम वेतनमान पर इसका तत्काल असर नहीं पड़ेगा और लाभ देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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