मुख्य बातें: –
- लेडी सुपरवाइजर को वीडियो कॉल से उपस्थिति दर्ज करनी होगी
- नई व्यवस्था की शुरुआत पूर्णिया से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में
- अगले महीने से पूरे बिहार में लागू होगी नई प्रणाली
पटना। बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था (New digital system) लागू की है। अब लेडी सुपरवाइजर (Lady Supervisor) को केंद्रों पर पहुंचकर वीडियो कॉल के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस कदम से मॉनिटरिंग में पारदर्शिता आएगी और केंद्रों की कार्यप्रणाली पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी।
पूर्णिया से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
नई व्यवस्था की शुरुआत (Purnia) से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। विभाग की योजना अगले महीने से इसे पूरे बिहार में लागू करने की है। समाज कल्याण विभाग ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो कॉल के माध्यम से विभाग को केंद्रों की वास्तविक स्थिति की जानकारी सीधे मिल सकेगी और लापरवाही पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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गर्मी को देखते हुए बदली गई टाइमिंग
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में भी बदलाव किया है। निर्देश दिया गया है कि बच्चों को पोषाहार देने के बाद जल्द घर भेज दिया जाए, ताकि तेज धूप और गर्म हवाओं से उनकी सेहत पर असर न पड़े। इसके साथ ही केंद्रों में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
विभाग का मानना है कि वीडियो कॉल के जरिए उपस्थिति दर्ज कराने से सुपरवाइजर की जवाबदेही बढ़ेगी। इससे बच्चों को मिलने वाले पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी संभव हो सकेगी। सरकार इसे आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
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