मुख्य बातें: –
- बिहार सरकार का सुरक्षा घटाने वाला फैसला रद्द
- कोर्ट ने कहा- कानून और संविधान सर्वोपरि
- सुरक्षा घटाने से पहले खतरे का सही आकलन नहीं हुआ
पटना। पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया से सांसद (Pappu Yadav )को बड़ी राहत देते हुए उनकी Y+ सुरक्षा बहाल करने का आदेश दिया है। अदालत ने बिहार सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें उनकी सुरक्षा Y+ से घटाकर Y कैटेगरी कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा से जुड़ा फैसला तय प्रक्रिया और कानून के तहत ही लिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
न्यायमूर्ति (Jitendra Kumar) की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कार्यपालिका के निर्णय मनमाने तरीके से नहीं लिए जा सकते। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून और संविधान सर्वोपरि हैं और सुरक्षा कम करने से पहले खतरे का उचित आकलन किया जाना जरूरी था।कोर्ट ने यह भी पाया कि सुरक्षा घटाने से पहले सांसद से कोई राय नहीं ली गई और न ही उन्हें आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी दी गई थी।

जान का खतरा बताकर लगाई थी गुहार
सांसद पप्पू यादव ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें (Lawrence Bishnoi Gang) की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद 9 अगस्त 2025 को बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कर दी थी। हालांकि, कुछ ही सप्ताह बाद 23 सितंबर 2025 को सुरक्षा घटाकर Y कैटेगरी कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में मिली राहत
सुरक्षा बहाल कराने के लिए पप्पू यादव पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। वहां से उन्हें मामले को पटना हाईकोर्ट में उठाने की सलाह दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हुई और अंततः अदालत ने Y+ सुरक्षा बहाल करने का आदेश दे दिया।
भविष्य के लिए भी सरकार को निर्देश
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा घटाने या बदलने से पहले सभी तथ्यों, खतरे के आकलन और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार किया जाए।
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