हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने राज्य में जनता की अर्जियों और शिकायतों के निवारण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ‘प्रजावाणी’ सेवाओं को जमीनी स्तर तक विस्तार दिया जाए, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल सके। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 8 दिसंबर 2023 को सरकार संभालने के अगले ही दिन ‘प्रजावाणी’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। तब से हर मंगलवार और शुक्रवार महात्मा ज्योतिबा फुले प्रजा भवन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक चल रहा है, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतें लेकर त्वरित समाधान (Solution) की दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं।
सीएम का शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने पर जोर
जिलों में भी कलेक्टरों की देखरेख में साप्ताहिक ‘प्रजावाणी’ आयोजित हो रही है। रविवार को एमसीएचआरडी में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव रामकृष्णा राव और सीएमओ अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरदराज के लोगों को हैदराबाद या जिला मुख्यालय आने की जरूरत न पड़े, इसके लिए सेवाओं को और नजदीक पहुंचाया जाए। उन्होंने तत्काल रेवेन्यू डिवीजन स्तर पर ‘प्रजावाणी’ शुरू करने और बाद में इसे मंडल स्तर तक विस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी स्तरों पर अधिकारियों को शिकायतों के निवारण के लिए पूर्ण अधिकार देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर शिकायत का पंजीकरण किया जाए, संबंधित विभाग को भेजा जाए और समाधान की प्रगति की जानकारी आवेदक को दी जाए। शिकायतों के निपटारे के लिए तय समयसीमा हो और किसी प्रकार की देरी न हो।
राज्य स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
उन्होंने शिकायतों के पंजीकरण, ट्रैकिंग और समाधान के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने तथा जिला और राज्य स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक स्तर पर ‘प्रजावाणी’ के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, हर जिले और विभाग में अलग प्रकोष्ठ बनाने, तथा समस्या का समाधान न होने पर स्वतः उच्च स्तर पर भेजने (ऑटो एस्केलेशन) की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर अपील प्रणाली शुरू करने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिला और राज्य स्तर पर लंबित मामलों में आएगी कमी
डैशबोर्ड के माध्यम से प्रगति की निगरानी हो तथा देरी के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘प्रजावाणी’ सेवाओं के विकेंद्रीकरण से जिला और राज्य स्तर पर लंबित मामलों में कमी आएगी और अधिकांश समस्याएं निचले स्तर पर ही हल हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लोगों का विश्वास बनाए रखते हुए प्रभावी सेवाएं प्रदान करने को कहा।
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