हैदराबाद। बीजेपी तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने रविवार को हैदराबाद के सोमाजीगुड़ा स्थित जया गार्डन्स में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 133वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम को देखा। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम में भी भाग लिया। जारी बयान में रामचंदर राव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचारों ने देशवासियों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया है। उन्होंने विशेष रूप से तमिलनाडु के कल्पक्कम में फास्ट ब्रीडर (Breeder) रिएक्टर के क्रिटिकल स्टेज तक पहुंचने को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
पीएम मोदी के विचारों को बताया प्रेरणादायक
उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक से हासिल यह सफलता भारतीय वैज्ञानिकों के समर्पण का प्रमाण है, जिससे उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत आज पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 56 गीगावाट से अधिक बिजली उत्पादन कर दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है, जो प्रधानमंत्री मोदी के ग्रीन एनर्जी विजन का परिणाम है। रामचंदर राव ने बताया कि ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शांति का संदेश देते हुए गुजरात के कच्छ में फ्लेमिंगो पक्षियों और उत्तर प्रदेश में हाथियों के संरक्षण के लिए ‘गज मित्र’ जैसे प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण भी है।
भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा
इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों में बांस की खेती के जरिए रोजगार सृजन, ‘नेशनल आर्काइव्स’ के माध्यम से ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और डिजिटल जनगणना जैसे कदम भारत के तेजी से तकनीकी विकास को दर्शाते हैं। उन्होंने कश्मीर के ‘कलारी चीज’ जैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान का भी उल्लेख किया और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करने में प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना की। रामचंदर राव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और देश की प्रगति को प्राथमिकता देते हुए सभी नागरिकों को इसमें भागीदारी निभानी चाहिए।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
हिंदू आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा है। जनगणना के अनुसार लगभग 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हिंदू समुदाय व्यापक रूप से निवास करता है। राज्य के प्रमुख त्योहार जैसे बोनालु, बथुकम्मा, दशहरा और दीपावली बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर हिंदू परंपराओं का गहरा प्रभाव देखा जाता है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
मुख्य भोजन चावल आधारित माना जाता है, जिसे दाल, सब्जी और मसालेदार करी के साथ खाया जाता है। यहां ज्वार और बाजरा भी काफी लोकप्रिय हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, सकिनालु और पच्ची पुलुसु जैसे व्यंजन बहुत प्रसिद्ध हैं। तीखा और मसालेदार स्वाद यहां के भोजन की खास पहचान है। स्थानीय खानपान में पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का सुंदर मेल मिलता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से “त्रिलिंग देश” या “तेलंग देश” भी कहा जाता है। माना जाता है कि यह नाम तीन प्रमुख शिवलिंग स्थलों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ यही नाम बदलकर तेलंगाना बना। कुछ लोग इसे दक्कन क्षेत्र का महत्वपूर्ण भाग भी मानते हैं। इसकी समृद्ध संस्कृति, भाषा और इतिहास ने इसे भारत के विशिष्ट राज्यों में विशेष पहचान दी है।
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