Eyes: हीट वेव में आँखों की सुरक्षा

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गर्मियों में कैसे रखें अपनी आँखों का ख्याल?

अत्यधिक गर्मी की स्थिति सेहत के साथ आपकी आंखों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहने से अक्सर पराबैंगनी किरण बढ़ जाती है जिससे आंखों की कई समस्याएं हो सकती हैं।

हीट वेव में आँखों पर क्या असर होता है?

सूखापन

गर्म हवाएं और तेज धूप आँखों की नमी को खत्म कर देती हैं जिससे आँखों में जलन, खुजली और लालिमा हो सकती है।

देश के विभिन्न भागों में भीषण गर्मी पड़ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ सप्ताहों में उत्तर भारत के कई क्षेत्रों के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर में भी भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान लगाया है। राष्ट्रीय राजधानी में कुछ दिन पहले आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश देखने को मिली। हालांकि, IMD ने 15 अप्रैल से शुरू होने वाले महीने के बाकी दिनों के लिए पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में दिल्ली और कई अन्य उत्तर भारतीय राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है।

अत्यधिक गर्मी की स्थिति सेहत के साथ आपकी आंखों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहने से अक्सर पराबैंगनी किरण बढ़ जाती है जिससे आंखों की कई समस्याएं हो सकती हैं। चलिए, जानते हैं ज़्यादा देर तक धूप में रहने से कौन सी परेशानियां हो सकती है और बचाव के लिए क्या करें? 

गर्मी और लो ह्यूमिडिटी के कारण आंखें सूखने लगती हैं जिसे ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं। इस वजह से कुछ लोगों को आंखों में जलन, धुंधली दृष्टि या किरकिरापन भी महसूस हो सकता है। यूवी किरणें, विशेष रूप से तेज धूप में, कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती हैं और फोटोकेराटाइटिस के जोखिम को बढ़ा सकती हैं जो अनिवार्य रूप से आंखों की सनबर्न है और इससे दर्द, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और अस्थायी दृष्टि हानि होती है। यूवी विकिरण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से मोतियाबिंद और मैकुलर डिजनरेशन का विकास हो सकता है, जो समय के साथ दृष्टि को खराब कर सकते हैं। हीटवेव के कारण लोग एयर-कंडीशन वाले वातावरण में अधिक समय बिताते हैं, जिससे आंखें और अधिक सूख जाती हैं।

गर्मी के मौसम में आँखों को सुरक्षित रखने के प्रभावी तरीके:

UV-प्रोटेक्टिव सनग्लास पहनें: ऐसे सनग्लास चुनें जो आँखों को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने के लिए 100% UVA और UVB किरणों को रोकते हों।

हाइड्रेटेड रहें: भरपूर पानी पीने से आँसू को बनाए रखने में मदद मिलती है और सूखी और चिड़चिड़ी आँखों को रोकता है।

सीधे धूप के संपर्क से बचें: अधिकतम धूप के घंटों (सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक) के दौरान घर के अंदर रहें या बाहर जाने पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए चौड़ी-चौड़ी टोपी और सनग्लासेस पहनें।

एयर कंडीशनर के संपर्क को सीमित करें: पंखे या एयर वेंट के सामने सीधे बैठने से बचें, क्योंकि लगातार हवा का प्रवाह आपकी आँखों को सूखा सकता है। यदि आवश्यक हो तो घर के अंदर नमी के स्तर को बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।

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