लखनऊ । अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी (Rgious Cty,) हीं, बल्कि गौरवशाली नवीन भारत के आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि (shri Ram Janmabhoomi) रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे होने के साथ ही अयोध्या ने यह साबित कर दिया है कि विरासत और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।
श्रेय विकसित अयोध्या के शिल्पकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को
श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का स्थायी स्तंभ भी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई। इस साल जनवरी-जून के बीच लगभग 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक रामनगरी आए और यहां के विकास और समृद्धि से आश्चर्यचकित हो गए। लगभग 85 हजार करोड़ की परियोजनाओं से अयोध्या वर्ल्ड क्लास शहर का रूप ले रहा है। इसका श्रेय विकसित अयोध्या के शिल्पकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय अनुभव के साथ रामनगरी आकर भगवान प्रभु श्रीराम का दर्शन करें।
राष्ट्रीय शहर के रूप में बन रही है पहचान
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का महर्षि वाल्मिकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों का नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशन, रामपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ ये सब अयोध्या को एक आधुनिक तीर्थ और पर्यटन नगरी में बदल रहे हैं। यह विकास केवल इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को नई गति दे रहा है।
पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने बनाया कीर्तमान
अयोध्या आज उत्तर प्रदेश के पर्यटन का केंद्र है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया गया। होटल, होम-स्टे, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिली। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आस्था से आय और आय से आत्मनिर्भरता का नया रोडमैप तैयार किया है। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होम स्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है।
अयोध्या में राम मंदिर कहाँ स्थित है?
राम मंदिर उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में सरयू नदी के तट के पास, राम जन्मभूमि परिसर में स्थित है। यह स्थान अयोध्या रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
अयोध्या में धर्मशाला का किराया कितना है?
धर्मशालाओं का किराया सुविधाओं के अनुसार अलग-अलग होता है
- साधारण धर्मशाला: ₹200 – ₹500 प्रति रात
- एसी / बेहतर सुविधाओं वाली धर्मशाला: ₹800 – ₹1500 प्रति रात
- ट्रस्ट द्वारा संचालित धर्मशाला: कई जगह नाममात्र शुल्क या दान आधारित भी होती हैं.
राम मंदिर के टिकट की कीमत क्या है?
राम मंदिर में दर्शन के लिए कोई टिकट नहीं लगता।
सामान्य दर्शन पूरी तरह निःशुल्क है।
हालांकि, विशेष दर्शन या सुविधाओं (यदि उपलब्ध हों) के लिए भविष्य में नियम अलग हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में दर्शन मुफ्त हैं।
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