मुख्य बातें: –
- पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की
- विकसित भारत और सुधारों पर हुई विस्तृत चर्चा
- ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के अगले दिन शुक्रवार को इसमें लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मुख्य रूप से आम जनता के जीवन को आसान बनाने (ईज ऑफ लिविंग), व्यापार को सुगम करने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) (is of Doing Business) और देश में सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने अपने विदेश दौरों से लौटने के बाद गुरुवार शाम 5 बजे सेवा तीर्थ में इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री शामिल हुए।
विकसित भारत के विजन पर जोर
यह इस वर्ष की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी, जबकि इससे पहले ऐसी बैठक पिछले साल जून में आयोजित की गई थी। बैठक के अगले दिन प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Platform) एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मंत्रिपरिषद की बैठक काफी सार्थक रही। इसमें विकसित भारत के साझा सपने को साकार करने और सुधारों को गति देने के लिए विचारों तथा बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया गया।
वैश्विक आर्थिक संकट पर सरकार की नजर
यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कठिन आर्थिक परिस्थितियां बनी हुई हैं। इस युद्ध के चलते सरकार ईंधन की आपूर्ति में आने वाली रुकावटों, बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों पर लगातार पैनी नजर रख रही है।
ईंधन बचत और सादगी अपनाने की अपील
इस चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल के बीच, प्रधानमंत्री ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन का बेहद समझदारी और किफायत से इस्तेमाल करने की विशेष अपील की है। सरकार ने इसके लिए कुछ व्यावहारिक उपाय अपनाने का सुझाव दिया है, जिसमें कंपनियों द्वारा वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करने) की नीति को बढ़ावा देना और आमने-सामने की बैठकों के स्थान पर ऑनलाइन माध्यमों का अधिक उपयोग करना शामिल है।
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सोना खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह
इसके अलावा, देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से नागरिकों को कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचने और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से परहेज करने की भी सलाह दी गई है।
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