91 उड़ानें रद्द, 11 घंटे तक थमा रहा परिचालन
पुणे: पुणे(Pune) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात एक बड़ी अव्यवस्था देखने को मिली, जब भारतीय वायुसेना (IAF) के एक लड़ाकू विमान(Fighter Aircraft) की हार्ड लैंडिंग हुई। रात 10:30 बजे हुई इस घटना के कारण रनवे पूरी तरह से ब्लॉक हो गया, जिससे हवाई परिचालन लगभग 11 घंटे तक ठप रहा। एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष धोके के अनुसार, कुल 91 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 12 उड़ानों को अन्य शहरों के लिए डाइवर्ट किया गया। प्रभावित एयरलाइंस में इंडिगो (65), एअर इंडिया एक्सप्रेस (10), एअर इंडिया (6), स्पाइसजेट (5) और अकासा एयर (5) शामिल हैं।
तकनीकी खराबी और बचाव कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के दौरान विमान का ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर) खराब हो गया था, जिससे वह रनवे पर फंस गया। अच्छी बात यह रही कि विमान के दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। IAF ने स्थिति को संभालते हुए रनवे की मरम्मत की और सुबह 5:45 बजे विमान को हटा दिया गया। सुरक्षा मानकों को देखते हुए नोटम (NOTAM) का समय सुबह 9 बजे तक बढ़ाया गया था, हालांकि सुबह 7:30 बजे के बाद परिचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।
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‘हार्ड लैंडिंग’ क्या है और यह क्यों जोखिम भरी है?
हार्ड लैंडिंग तब होती है जब विमान रनवे पर सामान्य गति की तुलना में काफी तेजी से और जोरदार झटके के साथ उतरता है। इसके प्रमुख कारणों में खराब मौसम, पायलट के गणना में चूक या हवा के दबाव में अचानक बदलाव शामिल हो सकते हैं। इस घटना के जोखिमों पर गौर करें तो:
रनवे को नुकसान: विमान के अत्यधिक वजन और झटके से रनवे की ऊपरी परत में दरारें आ सकती हैं या गड्ढे बन सकते हैं।
घर्षण और सुरक्षा: टायर अचानक घिसने से रनवे पर गहरे रबर के निशान बन जाते हैं, जिससे घर्षण (grip) कम हो जाता है। यह स्थिति भविष्य में उतरने वाले अन्य विमानों के लिए फिसलन भरी और खतरनाक हो सकती है।
दीर्घकालिक प्रभाव: बार-बार ऐसी लैंडिंग से रनवे की अंदरूनी संरचना कमजोर हो जाती है और उसकी उम्र कम हो जाती है।
हार्ड लैंडिंग के बाद रनवे को तुरंत क्यों बंद करना पड़ता है?
हार्ड लैंडिंग में विमान का अत्यधिक प्रभाव रनवे की सतह को नुकसान पहुँचा सकता है, जैसे दरारें पड़ना या मलबा जमा होना। सुरक्षा मानकों के अनुसार, रनवे की जांच करना अनिवार्य होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह अन्य व्यावसायिक उड़ानों के लिए फिट है। किसी भी मलबे या क्षति से अन्य विमानों के सुरक्षित संचालन को खतरा हो सकता है।
इस घटना ने पुणे एयरपोर्ट के संचालन को किस प्रकार प्रभावित किया?
इस घटना ने एयरपोर्ट की पूरी परिचालन प्रणाली को लगभग 11 घंटे तक बाधित रखा। रनवे ब्लॉक होने के कारण 91 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा और 12 को डाइवर्ट किया गया, जिससे सैकड़ों यात्री फंस गए। हालांकि शनिवार सुबह तकनीकी टीम द्वारा मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद इसे सुरक्षित घोषित कर दिया गया और परिचालन फिर से बहाल हुआ।
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