Raghav Chadha: AAP का बड़ा फैसला: राघव चड्ढा राज्यसभा उपनेता पद से हटाए गए

Read Time:  1 min
Raghav chadha
Raghav chadha
FONT SIZE
GET APP

अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बदलाव करते हुए सांसद राघव चड्ढा(Raghav Chadha) को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि अब उनकी जगह पंजाब से ही सांसद अशोक मित्तल यह जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सदन में राघव चड्ढा को अब पार्टी की ओर से बोलने का समय न दिया जाए। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर और ‘लवली ग्रुप’ के मालिक अशोक मित्तल 2022 से राज्यसभा सदस्य हैं

पद से हटाने की संभावित वजह: पार्टी से बढ़ती दूरियां

हालांकि ‘आप’ ने इस फैसले(Decisions) का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी की मुख्य गतिविधियों और बयानों से दूरी बनाए हुए थे। हाल ही में दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत मिलने पर भी राघव की चुप्पी को गंभीरता से लिया गया है। वे लंबे समय से पार्टी के आधिकारिक स्टैंड के बजाय राज्यसभा में स्वतंत्र और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर अधिक सक्रिय नजर आ रहे थे।

अन्य पढ़े: चीन का मेगा शिप, एक साथ 10,000 कारें ले जाएगा विशाल जहाज

राघव के चर्चित मुद्दे: गिग वर्कर्स से लेकर मोबाइल रिचार्ज तक की उठाई आवाज

पद से हटाए जाने से पहले, राघव चड्ढा ने संसद के पिछले सत्रों में आम जनता से जुड़े कई प्रभावशाली मुद्दे उठाए थे। उन्होंने 28 दिन के बजाय 30 दिन के मोबाइल रिचार्ज, एयरपोर्ट पर किफायती खाना, और विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग जैसे प्रस्ताव रखे थे। इसके अलावा उन्होंने जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स (गिग वर्कर्स) की सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम बैंक बैलेंस पर लगने वाले जुर्माने को खत्म करने की भी पुरजोर वकालत की थी।

राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में AAP का नया उपनेता किसे नियुक्त किया गया है?

राघव चड्ढा(Raghav Chadha) की जगह पंजाब के जालंधर से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मशहूर कारोबारी समूह ‘लवली ग्रुप’ से जुड़े हैं।

चड्ढा ने हाल के संसद सत्रों में मोबाइल रिचार्ज को लेकर क्या मांग रखी थी?

राघव चड्ढा ने मांग की थी कि मोबाइल रिचार्ज की वैधता 28 दिन के बजाय पूरे कैलेंडर महीने (30 या 31 दिन) की होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह प्रस्ताव भी दिया था कि महीने का बचा हुआ डेटा अगले महीने में जुड़ (Carry forward) जाना चाहिए।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।