Ramban : रामबन में भारी बारिश, बाढ़ में 3 लोगों की गई जान, 40 घर क्षतिग्रस्त

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रामबन जिले में त्राहिमाम, आपदा से आफत में जान

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई। आपदा ने इलाकों में भूस्खलन और ओलावृष्टि भी की, जिससे बुनियादी ढांचे और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। रामबन जिले का प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।

कई वाहन और इमारतें क्षतिग्रस्त

रामबन जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद भूस्खलन के कारण कई इमारतें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, आपदा में दस घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस और जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे करीब 90 से 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाधित

लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 का एक हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों को इस राजमार्ग से गुजरने से बचने की सलाह दी है। उप यातायात निरीक्षक जावेद कटारिया ने कहा, ‘राष्ट्रीय राजमार्ग (रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर एनएच) पूरी तरह से अवरुद्ध है (भूस्खलन के कारण)। मौसम में सुधार होने तक इस राजमार्ग से गुजरने से बचें। निकासी का काम चल रहा है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि राजमार्ग शाम या कल से पहले खुलेगा क्योंकि लगातार बारिश हो रही है।’

रामबन जिले में भारी क्षति

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश, बादल फटने, तेज हवाओं, भूस्खलन और ओलावृष्टि के कारण पूरे जिले में भारी नुकसान हुआ है। अधिकारी ने कहा, ‘हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और बाद में (नुकसान का) आकलन किया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान की जा सके। इस समय हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है।’

पल-पल की अपडेट ले रहे केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि रात भर, रामबन क्षेत्र, जिसमें रामबन शहर के आसपास के इलाके शामिल हैं, में भारी ओलावृष्टि, कई भूस्खलन और तेज हवाएं चलीं। राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया और दुर्भाग्य से, तीन लोग हताहत हुए और कुछ परिवारों की संपत्ति नष्ट हो गई। उन्होंने कहा, ‘मैं उपायुक्त के लगातार संपर्क में हूं। जिला प्रशासन समय पर और त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशंसा का पात्र है जिसके कारण कई कीमती जानें बचाने में मदद मिली।’ उधमपुर से सांसद सिंह ने कहा कि वित्तीय मदद समेत हर तरह की राहत प्रदान की जा रही है।

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