नई दिल्ली । भारत में बड़ी संख्या में लोग विटामिन-डी (Vitamin D) की कमी से जूझ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक घर और दफ्तर के अंदर रहना, धूप से दूरी और पोषक तत्वों की कमी इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन-डी केवल हड्डियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
लगातार थकान हो सकती है बड़ा संकेत
विशेषज्ञों के मुताबिक, हर समय थकान महसूस होना और शरीर में ऊर्जा की कमी विटामिन-डी की कमी का सबसे सामान्य लक्षण है। कई लोग पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। बार-बार थकान होना, काम में मन न लगना और हमेशा आराम करने की इच्छा होना इस कमी की ओर इशारा कर सकता है। अक्सर लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है।
हड्डियों और जोड़ों में दर्द बढ़ा सकता है खतरा
विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम (Calcium) के अवशोषण के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इसकी कमी होने पर शरीर कैल्शियम का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। पीठ, कमर और जोड़ों में लगातार दर्द रहना इसका प्रमुख संकेत हो सकता है। खासतौर पर पीठ के निचले हिस्से में दर्द और चलते समय असहजता महसूस होना विटामिन-डी की कमी की ओर इशारा करता है। लंबे समय तक कमी बने रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
कमजोर इम्यूनिटी से बढ़ता है संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन-डी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकता है। मौसम बदलते ही सर्दी, जुकाम, बुखार या अन्य संक्रमण होना कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत माना जाता है। शरीर बैक्टीरिया और वायरस (Virus) से प्रभावी ढंग से लड़ नहीं पाता, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
मांसपेशियों में कमजोरी और बाल झड़ने की समस्या
विटामिन-डी की कमी से मांसपेशियों में दर्द, खिंचाव और ऐंठन की समस्या भी हो सकती है। कई लोगों को हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है और सीढ़ियां चढ़ने या ज्यादा देर चलने में परेशानी होती है। इसके अलावा चोट या घाव भरने में ज्यादा समय लगना और तेजी से बाल झड़ना भी शरीर में विटामिन-डी की कमी का संकेत माना जाता है।
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धूप और संतुलित आहार है सबसे बेहतर उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच 15 से 20 मिनट तक धूप में बैठना विटामिन-डी की कमी दूर करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए, ताकि शरीर में विटामिन-डी के स्तर की सही जानकारी मिल सके। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। साथ ही संतुलित आहार, हेल्दी फैट्स और नियमित धूप लेना भी जरूरी माना गया है।
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