YUNUS- कट्टरपंथियों के घेरे में यूनुस सरकार, शेख हसीना की आशंका पर उठे सवाल

Read Time:  1 min
यूनुस सरकार
यूनुस सरकार
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली। बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पूर्व पीएम शेख हसीना (Sekh Hasina) ने भारत के पूर्वोत्तर और चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर सामने आ रही बयानबाजी पर चिंता जाहिर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के बयान खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना हैं और यह मौजूदा अंतरिम सरकार के तहत बढ़ते कट्टरपंथी प्रभाव को दर्शाते हैं। इस तरह से शेख हसीना ने न सिर्फ राजनीतिक सुचिता की बात की बल्कि उन्होंने यह भी जताया कि देश और पड़ोसियों से संबंधों की चिंता उन्हें आज भी है।

कट्टरपंथी बयानबाजी पर शेख हसीना की कड़ी चेतावनी

भारत में रहते हुए चिंता जाहिर कर रहीं शेख हसीना का कहना है कि ऐसे बयान खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना हैं, जो उन चरमपंथी तत्वों को दिखाते हैं जिन्हें यूनुस (Yunus) के दौर में प्रभाव मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी गंभीर और जिम्मेदार नेता अपने पड़ोसी देश को धमकी नहीं दे सकता, खासकर उस देश को जिस पर बांग्लादेश व्यापार, ट्रांजिट और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए निर्भर है। शेख हसीना के मुताबिक इस तरह की बयानबाजी केवल वैचारिक कल्पनाओं को संतुष्ट करती है, न कि बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को।

चिकन नेक धमकियों पर भारत की चिंता जायज

शेख हसीना ने बांग्लादेश के ताजा हालात पर भी नजर बनाए रखी है। उस्मान हादी की हत्या और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक शख्स की लिंचिंग जैसी घटनाओं तथा चिकन नेक पर दी जा रही धमकियों को लेकर भारत की प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे बयानों पर चिंता होना पूरी तरह जायज है उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की बातें बांग्लादेश की जनता की सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने कहा कि देश के लोग अच्छी तरह समझते हैं कि समृद्धि और सुरक्षा भारत के साथ मजबूत रिश्तों पर निर्भर करती है।

अंतरिम सरकार की वैधता पर सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक शेख हसीना ने अंतरिम सरकार की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोहम्मद यूनुस के पास बांग्लादेश की विदेश नीति को दोबारा दिशा देने का कोई जनादेश नहीं है। उनके अनुसार मौजूदा सरकार को ऐसे रणनीतिक फैसले लेने का अधिकार नहीं है जिनका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़े उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध बुनियादी हैं और अंतरिम सरकार के जाने के बाद भी कायम रहेंगे। लोकतांत्रिक सरकार की वापसी पर नीति फिर से राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय स्थिरता पर केंद्रित होगी।

Read also : News Hindi : नए साल के जश्न में कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई – सज्जनार

हिंसा और अराजकता पर गंभीर आरोप

उस्मान हादी की हत्या पर शेख हसीना ने कहा कि यह दुखद घटना उस अराजकता को दिखाती है जिसने उनकी सरकार को गिराया और यूनुस के दौर में और बढ़ गई। हिंसा अब आम बात बन चुकी है, जबकि अंतरिम सरकार या तो इससे इनकार करती है या इसे रोकने में असमर्थ है उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बांग्लादेश को अंदर से अस्थिर करती हैं और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

वापसी पर शेख हसीना का साफ संदेश

बांग्लादेश लौटने को लेकर शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने खूनखराबा रोकने के लिए देश छोड़ा था, न कि न्याय का सामना करने के डर से। उन्होंने यूनुस को चुनौती देते हुए कहा कि आरोपों को हेग ले जाया जाए, क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा है कि एक स्वतंत्र अदालत उन्हें बरी कर देगी उन्होंने स्पष्ट किया कि जब बांग्लादेश में वैध सरकार और स्वतंत्र न्यायपालिका होगी, तब वह खुशी-खुशी अपने देश लौटेंगी, जिसकी उन्होंने पूरी जिंदगी सेवा की है

मुहम्मद यूनुस की कहानी क्या है?

जीवनी काप्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने 1983 में बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक की स्थापना की, इस विश्वास से प्रेरित होकर कि ऋण एक मौलिक मानव अधिकार है। उनका उद्देश्य गरीब लोगों को उनकी उपयुक्त शर्तों पर ऋण प्रदान करके और उन्हें कुछ ठोस वित्तीय सिद्धांत सिखाकर गरीबी से मुक्ति दिलाना था ताकि वे अपनी मदद खुद कर सकें।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।