हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता (Kavita) ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार डिग्री कॉलेज लेक्चरर पदों की भर्ती में समूह-1 भर्ती प्रक्रिया जैसी साजिश रच रही है। बुधवार को बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना जागृति कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कविता ने कहा कि सरकार बेरोज़गार युवाओं के लिए सरकारी आदेश (जीओ) जारी करके उनके लिए नौकरियों में बाधा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से जीओ संख्या 4 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे केवल अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को लेक्चरर पद दिलाने के लिए लाया गया। कविता ने पीएचडी (PHD) धारकों को 25 अंकों का अतिरिक्त लाभ देने के निर्णय की भी कड़ी आलोचना की और इसे साजिश का हिस्सा बताया।
कुछ लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाए गए थे विशेष परीक्षा केंद्र
जागृति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जैसे समूह-1 भर्ती में कुछ लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए विशेष परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, उसी प्रकार अब लेक्चरर भर्ती में भी समान रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पीएचडी में प्रवेश सीमित हैं, तब पीएचडी धारकों को 25 अंक कैसे दिए जा सकते हैं। उन्होंने जीओ संख्या 4 को तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली और वर्तमान दोनों सरकारों ने इन आदेशों की समीक्षा नहीं की। कविता ने कहा कि लगभग 40 लाख परिवारों के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही।
नीतियों की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही
कविता ने यह भी प्रश्न उठाया कि सरकार के पास मूसी नदी जैसी परियोजनाओं के लिए 7,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का समय है, लेकिन बेरोज़गार युवाओं को प्रभावित करने वाली नीतियों की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तेलंगाना के युवाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और 2 लाख सरकारी पदों की भर्ती तथा नौकरी कैलेंडर को स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कोंडगट्टु अंजनेय स्वामी मंदिर में अस्थायी शेड गिरने की घटना पर भी चिंता व्यक्त की, जिसमें 15 लोग घायल हुए। कविता ने घायलों के लिए उचित चिकित्सा सुविधा, गंभीर जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
लेक्चरर पोस्ट क्या होती है?
शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षक के पद को लेक्चरर कहा जाता है। यह आमतौर पर कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर होता है, जहां विषय विशेषज्ञ छात्रों को पढ़ाते हैं। लेक्चरर का काम पढ़ाई कराना, नोट्स तैयार करना, परीक्षा लेना और छात्रों का मार्गदर्शन करना होता है। यह पद शिक्षण क्षेत्र में शुरुआती स्तर का माना जाता है, जिससे आगे चलकर प्रोफेसर बनने का अवसर मिलता है।
लेक्चरर का पद क्या है?
यह एक शैक्षणिक पद है, जिसे वर्तमान में कई जगह “असिस्टेंट प्रोफेसर” भी कहा जाता है। इस पद पर चयन के लिए UGC NET या अन्य पात्रता परीक्षाएं पास करनी होती हैं। लेक्चरर का कार्य छात्रों को विषय की गहराई से जानकारी देना, शोध कार्य करना और शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेना होता है। यह पद उच्च शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रोफेसर की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
भारत में प्रोफेसर की सैलरी संस्थान और अनुभव के अनुसार अलग-अलग होती है। सामान्यतः सरकारी विश्वविद्यालयों में 7वें वेतन आयोग के अनुसार प्रोफेसर को लगभग ₹1,44,000 से ₹2,18,000 प्रति माह तक वेतन मिल सकता है। इसके अलावा HRA, DA और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं, जिससे कुल आय और बढ़ जाती है। निजी संस्थानों में यह सैलरी अलग हो सकती है।
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