Telangana : सीएम ने राज्यपाल से मुलाकात की

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राज्यपाल
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हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला (Governor Shiv Pratap Shukla) से मुलाकात कर विधान परिषद (एमएलसी ) के लिए राज्यपाल कोटे से नामांकित दो व्यक्तियों के नामों को मंजूरी देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रोफेसर कोदंडराम और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन के नामों को स्वीकृति देने की अपील की। गौरतलब है कि अजहरुद्दीन (Azharuddin) फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन वह तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के भीतर व्यक्ति का किसी एक सदन (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य बनना अनिवार्य होता है।

मंत्री पद संभालने के छह महीने हो जाएंगे पूरे

30 अप्रैल तक अजहरुद्दीन के मंत्री पद संभालने के छह महीने पूरे हो जाएंगे। ऐसे में यदि वह इस अवधि के भीतर किसी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं, तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। सरकार द्वारा राज्यपाल कोटे से भरे जाने वाले एमएलसी पदों से संबंधित फाइल काफी समय से राजभवन में लंबित है, जिसमें अजहरुद्दीन का नाम भी शामिल है। ऐसे में, यदि राज्यपाल इस फाइल को मंजूरी दे देते हैं और 30 अप्रैल से पहले गजट अधिसूचना जारी हो जाती है, तो अजहरुद्दीन के मंत्री पद पर बने रहने की संभावना बनी रहेगी। इसी परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात कर ताजा राजनीतिक स्थिति से अवगत कराया।

शिक्षा और नशा नियंत्रण पर हुई चर्चा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को हैदराबाद स्थित लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों और 12 जून को एलबी स्टेडियम में आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रम पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि नशा नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान की शुरुआत शैक्षणिक संस्थानों से की जाए। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की शपथ दिलाने और प्रवेश के समय उनसे लिखित आश्वासन लेने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। इस बैठक में आईटी एवं उद्योग मंत्री दुद्धिला श्रीधर बाबू और राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी भी मौजूद थे।

मेदिगड्डा बैराज का निरीक्षण करेंगे मुख्यमंत्री, ‘रैतू भरोसा’ निधि होगी जारी

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सोमवार को जयशंकर भूपालपल्ली जिले का दौरा करेंगे। वे सबसे पहले श्री कालेश्वर मुक्‍तेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, इसके बाद कालेश्वरम में विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे और फिर मेदिगड्डा बैराज का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सिंचाई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और मीडिया से बातचीत करेंगे। इसके पश्चात कतराम मंडल के नस्तूरपल्ली में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री “रैतू भरोसा” योजना की दूसरी किस्त जारी करने की घोषणा करेंगे।

भारत का सबसे बड़ा राजभवन कौन सा है?

देश का सबसे बड़ा राजभवन राजभवन कोलकाता को माना जाता है। यह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का आधिकारिक निवास है और अपनी विशाल इमारत तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था और यह भारत के सबसे पुराने व भव्य राजभवनों में से एक है।

2026 का गवर्नर कौन होगा?

किसी एक “2026 का गवर्नर” तय नहीं होता, क्योंकि भारत में हर राज्य का अलग राज्यपाल होता है और उनकी नियुक्ति समय-समय पर बदलती रहती है। राज्यपालों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, इसलिए भविष्य में कौन राज्यपाल होगा यह पहले से निश्चित नहीं होता।

राजभवन क्या होता है?

राज्यपाल के आधिकारिक निवास और कार्यालय को राजभवन कहा जाता है। यह राज्य का एक महत्वपूर्ण सरकारी भवन होता है, जहां राज्यपाल रहते हैं और अपने संवैधानिक कार्य करते हैं। राजभवन में सरकारी कार्यक्रम, बैठकें और शपथ ग्रहण जैसे महत्वपूर्ण आयोजन भी होते हैं, इसलिए यह प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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