Hyderabad News : अयोध्या श्री राम मंदिर में लगाए जाएंगे कारीगरों द्वारा हाथ से नक्काशी किए गए दरवाजे

Read Time:  1 min
श्री राम मंदिर
श्री राम मंदिर
FONT SIZE
GET APP

श्री राम मंदिर के लिए हैदराबाद से तैयार किए गए नक्काशीदार दरवाजे

हैदराबाद। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के भीतर सभी नवनिर्मित मंदिरों के लिए हैदराबाद स्थित अनुराधा टिम्बर्स इंटरनेशनल द्वारा तैयार किए गए हाथ से नक्काशीदार लकड़ी के दरवाजे गुरुवार, 5 जून को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दूसरे चरण के दौरान अयोध्या राम मंदिर में उद्घाटन के लिए तैयार हैं। अनुराधा टिम्बर्स इंटरनेशनल के प्रबंध साझेदार चडालावदा सरथ बाबू ने कहा कि हमारे लगभग 30 कारीगरों ने इन पवित्र दरवाजों को तैयार किया है। उन्होंने कहा कि नक्काशी और बढ़ईगीरी का सारा काम अयोध्या में मंदिर स्थल के पास विशेष रूप से स्थापित कार्यशाला में किया गया।

24 घंटे काम कर रही हमारी टीम : सरथ बाबू

सरथ बाबू ने कहा कि अयोध्या परियोजना अनुराधा टिम्बर्स इंटरनेशनल की विरासत में एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि हम अपने शिल्प कौशल के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। परकोटे के लिए कई शेष दरवाजों पर काम जारी है, हमारी टीमें बेजोड़ भक्ति और सटीकता के साथ समय पर पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।

श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा

जिन मंदिरों का अभिषेक किया जाना है उनमें राम दरबार (प्रथम तल) – जिसमें भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां हैं, परकोटा (बाहरी दीवार) पर छह मंदिर, भगवान शिव (उत्तर-पूर्व कोना), भगवान गणेश (दक्षिण-पूर्व कोना), भगवान हनुमान (दक्षिणी ओर), भगवान सूर्य (दक्षिण-पश्चिम कोना), देवी भगवती (उत्तर-पश्चिम कोना), देवी अन्नपूर्णा (उत्तरी ओर), सप्त मंडपम क्षेत्र में सात मंदिर: ऋषि वशिष्ठ, ऋषि वाल्मीकि, ऋषि अगस्त्य, ऋषि विश्वामित्र, अहिल्या, शबरी और निषादराज शामिल हैं।

श्री राम मंदिर में द्वितीय प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन

श्री राम मंदिर में द्वितीय प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन शुरु हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि में प्राण प्रतिष्ठा समारोह 3 जून से शुरू होकर 5 जून तक चलने वाला है। गंगा दशहरा के दिन 5 जून को स्थिर लग्न व अभीजित मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होगी। सरयू जल कलश यात्रा से धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। श्रीराम जन्मभूमि में राम दरबार समेत शेषावतार व परकोटे के छह मंदिरों के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के पहले सोमवार को सरयू तट से मातृ शक्ति के द्वारा भव्य कलश यात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली गई। भगवान श्री राम के चरणों में सरयू का जल अर्पित किया गया। सरयू तट पर मंत्रोंचारण के साथ पूजन किया गया, जिसके बाद करीब 400 महिलाएं कलश से भरा जल लेकर राम मंदिर की ओर रवाना हुई।

digital

लेखक परिचय

digital

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।