एजेंटों का पता लगाकर किया जाता है गिरफ्तार
हैदराबाद । रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सिकंदराबाद डिवीजन ने मानव तस्करी के खिलाफ चल रही लड़ाई के तहत इस वर्ष अब तक 238 बच्चों को बचाया है और 69 मानव तस्करों को पकड़ा है। आरपीएफ मानव तस्करी विरोधी इकाइयों (एएचटीयू) और गैर सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के सहयोग से मानव तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन एक्शन (एएएचटी) सक्रिय रूप से चला रही है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, सामान्य, शयनयान और एसी डिब्बों में गहन जांच के दौरान बाल तस्करी के शिकार लोगों की पहचान कर उन्हें बचाया जाता है, जबकि मानव तस्करों और उनके एजेंटों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। हाल ही में, अधिकतर मामले छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से तस्करी किये गये बच्चों से संबंधित थे। ऑपरेशन एएएचटी के तहत, आरपीएफ एक बहुआयामी रणनीति लागू कर रही है, जिसमें समर्पित एएचटीयू कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से निगरानी और रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में जागरूकता अभियान शामिल हैं।
साल के अंत तक बचाए गए बच्चों की संख्या 400 तक…
2023 में, आरपीएफ सिकंदराबाद डिवीजन ने ऑपरेशन एएएचटी के तहत 305 बच्चों को बचाया और 137 तस्करों को गिरफ्तार किया। 2024 में, यह संख्या बढ़कर 310 बच्चों को बचाया गया और 174 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बाल बचाव में 1.64 प्रतिशत की वृद्धि और तस्करों की गिरफ्तारी में 27.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2025 में अब तक 238 बच्चों को बचाया गया है और 69 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों को संदेह है कि साल के अंत तक बचाए गए बच्चों की संख्या 400 तक पहुंच सकती है। बचाए गए बच्चों को आगे की पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्यवाही के लिए बीबीए के माध्यम से बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया। सिकंदराबाद डिवीजन की वरिष्ठ डिवीजनल सुरक्षा आयुक्त देबश्मिता सी बनर्जी ने कहा कि आरपीएफ का एकमात्र मिशन रेलवे नेटवर्क से मानव तस्करी को खत्म करना है।

कमजोर बच्चों को इस जघन्य अपराध का शिकार होने से बचा सकती हैं सतर्क निगाहें
उन्होंने कहा, ‘निरंतर सतर्कता, सामरिक योजना, डेटा-संचालित निगरानी और अंतर-एजेंसी सहयोग के माध्यम से, हम लगातार अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं। हमारी एएचटीयू टीमों का समर्पण और बीबीए जैसे गैर सरकारी संगठनों के साथ सहयोग हमारी सफलता के लिए महत्वपूर्ण रहा है।’ उन्होंने कहा कि आरपीएफ मानव तस्करी से निपटने और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए अपने गहन प्रयास जारी रखेगी।
आरपीएफ अधिकारियों ने रेल यात्रियों और नागरिकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 139 पर डायल करके देने का आग्रह किया। आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हर सतर्क कॉल और सतर्क निगाहें कमजोर बच्चों को इस जघन्य अपराध का शिकार होने से बचाने में मदद कर सकती हैं। हम मानव तस्करी को खत्म करने के लिए सामरिक छापेमारी और समन्वित अभियान को तेज करना जारी रखेंगे।’ संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 139 डायल करें।
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