Medak : हत्या की जांच में अहम सुराग बनी मर्सिडीज कार

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वेंकट श्रीनिवास सागर रावड़ा नाम के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी कार

मेदक। मर्सिडीज बेंज कार (mercedes benz car) , जिसमें कांग्रेस नेता मारेल्ली अनिल अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के समय सवार थे, उनकी हत्या के मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण सबूत के रूप में सामने आई है। कार वेंकट श्रीनिवास सागर रावड़ा नाम के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी, जो कथित तौर पर हैदराबाद के एक जाने-माने व्यवसायी (Businessman) हैं। आंध्र प्रदेश के रहने वाले सागर, तेलंगाना की राजधानी में निर्माण और रियल एस्टेट का कारोबार करते थे

कार के खिलाफ लंबित था 100 रुपये का चालान

मर्सिडीज-बेंज कार का पंजीकरण नंबर टीएस 08 एफडी 1122 था। पुंजागुट्टा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में कार के खिलाफ 100 रुपये का चालान लंबित था। पुलिस ने इस साल 17 अप्रैल को यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए सर्विस रोड पर कार पार्क करने के लिए जुर्माना लगाया था। इस बीच, पुलिस को शक है कि उसने कार मालिक से लगभग तीन महीने पहले खरीदी थी। बताया जा रहा है कि अनिल का कार मालिक के परिवार के साथ एक रियल एस्टेट डील का मामला था। इस बीच, पुलिस को अनिल की हथेली पर लिखा एक फ़ोन नंबर भी मिला। पुलिस उस फ़ोन नंबर के मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही थी। जाँच जारी थी।

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मर्सिडीज बेंज का मालिक कौन है?

मालिक जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी “Mercedes-Benz Group AG” (पहले Daimler AG) है। यह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो लग्जरी वाहनों, ट्रकों और इंजनों के निर्माण में विश्वप्रसिद्ध है। इसके प्रमुख शेयरधारकों में चीन की कंपनियां और कुवैत निवेश प्राधिकरण भी शामिल हैं।

मर्सिडीज बेंज कंपनी का मालिक कौन है?

कंपनी की मालिक “Mercedes-Benz Group AG” है, जिसका मुख्यालय जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में स्थित है। यह कंपनी विश्व की प्रमुख लक्जरी कार निर्माताओं में से एक है और इसके प्रमुख ब्रांड में मर्सिडीज-बेंज, स्मार्ट और मायबैक शामिल हैं।

मर्सिडीज की कहानी क्या है?

इसकी शुरुआत 1901 में हुई जब कार्ल बेंज और गॉटलीब डेमलर ने ऑटोमोबाइल निर्माण शुरू किया। मर्सिडीज नाम एक व्यापारी की बेटी पर रखा गया। 1926 में बेंज और डेमलर की कंपनियां मिलकर “Mercedes-Benz” बनीं, जो आज लग्जरी और नवाचार की पहचान है।

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